‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अपने भारत एवम्‌ अपने भारतीय भाइ-बहनों के लिए क्या सोंचता है और उनको क्या देना चाहता है ! !          

What ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ thinks about our country BHAARAT and our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN (Indian brethren and sisters) and what it wants to offer them ! ! 

  1. ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ शासन/प्रशासन को भ्रष्टाचार/हरामखोरी (सेवा/नौकरी के सभी फायदे लेते हुए काम न करना, अपनी सीट पर न मिलना, कार्यालय आने व जाने में घोर अनियमितता आदि) मुक्त करते हुए उसे चुस्त/दुरुस्त, प्रणालीवद्ध(Systematic) करके अनुशासन/शख़्ती के बूते अपने देश-प्रदेश के भारतीय भाई-बहनों विशेषकर, आम एवम ग़रीब/असहाय/दिहाड़ी (दैनिक आमदनी पर निर्भर रहने वाले जैसे रेड़ी-पटरी वाले, रिक्से वाले, छोटे-छोटे कारीगर आदि) मज़दूर/विपन्न/सामाजिक क़तार का आख़िरी व्यक्ति को भारतीय नागरिक का सम्मान देते हुए उन्हें भारतीय नागरिक के रूप में रसूक/दादागिरी विहीन “बारी-बराबरी” के वसूल पर आधारित न्याय व सेवा देने का यक़ीन दिलाता है ।
  2. By making governance/administration free of corruption/Haraamqhoree (enjoying the fruits of job/service without doing work, not available on his/her seat, grossly irregular in coming to and going out of office etc.), tight/proper, systematic through discipline/strictness, bereft of any pressure/effect/connection of influentials/Daadaas/ruffians/mafias and bestowing the honour of BHAARATEEY NAAGARIK (INDIAN CITIZEN) based on the principle of “TURN and EQUALITY” to our Bhaarateey Bhaai-Bahan and especially in them the poor/daily earning labourers/rikshaw pullers/street sellers/destitute/indigent/ poor without any support of livelihood/poor at the last rung of the social ladder  ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ assures and instill confidence in them for justice and service in the spirit said above.
  3. इसलिए ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अपनी भारतीय अवाम को आगाह करता है कि चुनाव के वक़्त दिये जाने वाले तरह-तरह के चुनावी लोक-लुभावन वादे अर्थात चुनावी झुनझुने( Lollipop) जैसे, “ पानी मुफ़्त कर देंगे, बिजली मुफ़्त कर देंगे, क़र्ज़ माफ़ कर देंगे, मुसलमानों को 18% आरक्षण देंगे, मोबाइल मुफ़्त बाटेंगे, टीवी मुफ़्त बाटेंगे——–” आदि उन शक्तियों/राजनैतिक दलों द्वारा दिये जाते हैं जिनके पास अपने देश भारत एवम भारतीय भाई-बहनों विशेषकर, आम एवम ग़रीब/ असहाय/दिहाड़ी (दैनिक आमदनी पर निर्भर रहने वाले जैसे रेड़ी-पटरी वाले, रिक्से वाले, छोटे-छोटे कारीगर आदि) मज़दूर/विपन्न/सामाजिक क़तार का आख़िरी व्यक्ति को भारतीय नागरिक का सम्मान देते हुए उन्हें भारतीय नागरिक के रूप में देने को कुछ नहीं होता है और ये इन्हीं चुनावी प्रलोभनों में इन्हीं भारतीय भाई-बहनों को फंसाकर उनसे वोट लेने को अपनी चुनावी रणनीति का एक अनिवार्य हिस्सा मानते हुए उसका भरपूर इस्तेमाल करते हैंये ताक़तें/ राजनैतिक दल वस्तुतः भारतीय समाज में व्याप्त जातिवाद/सम्प्रदायवाद/भाषावाद/ प्रान्तवाद/क्षेत्रवाद/समूहवाद आदि भारतीय सामाजिक एवम राष्ट्रीय बुराई/ज़हर/बिखराव को और चौड़ा/विकराल करके अपने वोट-सत्ता की स्वार्थ नीति (राजनीति) की रोटी सेंकनी वाली विघटनकारी एवम भ्रष्टाचारी/आपराधिक/ तिकड़मी तथा भारतीय भाई-बहनों से झूठ बोल-बोल कर उन्हें छलने वाली, ठगने वाली शक्तियाँ हैं जो भारतीय भाई-बहनों विशेषकर, आम एवम ग़रीब/असहाय/दिहाड़ी(दैनिक आमदनी पर निर्भर रहने वाले जैसे रेड़ी-पटरी वाले, रिक्से वाले, छोटे-छोटे कारीगर आदि) मज़दूर/विपन्न/क़तार का आख़िरी व्यक्ति को चुनावी जाल में फंसाकर उनसे वोट लेने के पश्चात सत्तानशीं होने के बाद चुनावी वादों(जालों/चालों) को चार दिन की चाँदनी की तरह भूलने एवम इन्हीं भारतीय भाई-बहनों को अपने हाल पर छोड़ने का सिलसिला इन कथित शक्तियों द्वारा आज 60-70 सालों से बदस्तूर क़ायम है और ग़रीब/इस्लाम धर्मावलम्बी भारतीय भाई-बहन कमोवेश अपनी उसी स्थिति में तभी से पड़े हुए हैं, झेल रहे हैं । इन्हीं ताक़तों/ राजनैतिक दलों द्वारा अपने देश भारत की शासनिक/प्रशानिक/व्यवस्था तथा समाज-राजनीति का जो माहौल पैदा किया गया, आज 60-70 सालों से दिया जा रहा है—-उसमें जहाँ एक ओर भारतीय भाई-बहनों विशेषकर, आम एवम ग़रीब/ असहाय/दिहाड़ी (दैनिक आमदनी पर निर्भर रहने वाले जैसे रेड़ी-पटरी वाले, रिक्से वाले, छोटे-छोटे कारीगर आदि) मज़दूर/विपन्न/सामाजिक क़तार का आख़िरी व्यक्ति को भारतीय नागरिक का सम्मान देते हुए उन्हें भारतीय नागरिक के रूप में सम्मान/इज्ज़त व सेवा न मिलकर उन्हें नारकीय, कुछ अपवादों को छोड़कर, ज़िंदगी नसीब होती है वहीं दूसरी ओर रसूक/सामंतशाह/तिकड़मी  तत्वों/दादाओं/नेताओं/मंत्रियों आदि को ही तरज़ीह देते हुए उन्हें स्वर्ग जैसी, कुछ अपवादों को छोड़कर, सुख/सुविधाएं/ ऐश्वर्य उपलब्ध होती हैं ।

इसीलिए चुनाव जीतने के प्रयास में ये ताक़तें कभी न पूरे होने वाले इस तरह के चुनावी सगूफ़ों को छोड़कर/फैलाकर व इनका इस्तेमाल कर एवम उपरोक्त चुनावी जाल/चाल/छल को बिछाकर व उनमे फंसाकर वोट-सत्ता हासिल करने की चेष्टा करती हैं ।

अतः, ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अपने देश-प्रदेश के भारतीय भाई-बहनों से इन चुनावी जालों/चालों/छल से बचने की सावधानी बरतने एवम ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ द्वारा उन्हें भारतीय नागरिक की इज्ज़त बख़्शते हुए नियमान्तर्गत मिलने वाली सेवाए/सुविधाए उनके दरवाजे( अर्थात स्थानीय पंचायत या स्थानीय नगरपालिका दफ्तर में) पर उपलब्ध कराने के उपहार हेतु दल की ईमानदार कोशिश पर यक़ीन करने का अनुरोध करताहै।

  1. ‘BHAARATEEY AWWAM TAAQAT DAL’ requests to our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN to be ware and careful of the cheap popularity electoral promises OR Lollipop offered at the time of elections such as, “ Will make water free; Electricity free; Wave off loans; Will give 18% reservation to Muslims; Will distribute mobile(phone)(free); Will distribute TV(free)——–” etc. by those forces/political parties which have nothing to offer to our country BHAARAT and to our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN and especially in them, the poor/daily earning labourers/rikshaw pullers/street sellers/destitute/indigent/ poor without any support of livelihood/poor at the last rung of the social ladder as a honour of BHAARATEEY NAAGARIK (Indian citizen) and by getting our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN in the trap of these electoral enticements, they fully exploit this tactics treating it as an inextricable part of their electoral strategy. These forces/political parties which fulfill their selfish political/electoral motives of grabbing votes and power by worsening/widening the prevalent BHAARATEEY (Indian) social and national ills/poison/fragmentation in the BHAARATEEY society in the form of casteism/communalism /linguisticism /provincialism/ regionalism/groupism etc. are actually the corrupt /criminal /manipulator divisive forces which deceive and dupe our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN through telling lie after lie and left our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN and especially in them, the poor/daily earning labourers/rikshaw pullers/street sellers/destitute/ indigent/poor without any support of livelihood/poor at the last rung of the social ladder in the lurch on their own condition for the last 60-70 years by incessantly getting our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN especially in them the poor——–last rung of the social ladder trapped in their dragnet of electoral enticements. Consequently, our poor and most of the ISLAAM DHARMAAWALAMBEE (Islaamic faith) BHAARATEEY BHAAI-BAHAN continue in the same pathetic condition for the last 60 to 70 years. In the governance/administrative/ establishment and social/political atmosphere created by these forces/ political parties and have been made continued for the last 60-70 years, where on one side, by keeping our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN and especially in them, the poor/daily earning labourers/rikshaw pullers/street sellers/destitute/ indigent/poor without any support of livelihood/poor at the last rung of the social ladder deprived of citizenry honour and service, barring few stray cases as exceptional, they (our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN and especially in them——–at the last rung of the social ladder) have been forced to suffer hell like, descrbed above, lives, whereas on the other side, by giving importance only to influentials/feudal over lords/manipulator elements/ daadaas/ruffians/mafias/netaas/ministers etc., they, barring few exceptions,  {these divisive forces/political parties along with their leaders and cahoots in intelligentsia/media/BHARATEEY society and BHAARATEEY establishment AND influentials-feudal over lords-manipulator elements——– mafias-netaas-ministers etc.} have been enjoying these years the heavenly like facilities/affluence/grandeur along with their dominance and hold over BHARATEEY society and BHAARATEEY establishment { Executive, Legislature, Judiciary—-along with their subordinate units}.

      That is why, in a desperate bid to win elections, these divisive forces/political parties, by offering and drumming up at the time of elections the electoral enticements, danglings and temptations in the form of cheap popularity false promises OR Lollipops which can never be fulfilled and getting our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN and especially in them, the poor/daily earning labourers/rikshaw pullers/street sellers/destitute/ indigent/poor without any support of livelihood/poor at the last rung of the social ladder badly trapped in the dragnet of their aforesaid electoral tactics of enticements, danglings and temptations which can never be fulfilled, try to fulfil their selfish motives of grabbing votes and power.  

      Therefore, ‘BHAARATEEY AWWAM TAAQAT DAL’ requests to our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN in country and various provinces to beware and be careful of the electoral enticements, danglings and temptations, being offered and drummed up at the time of elections, in the form of cheap popularity false promises OR Lollipops which can never be fulfilled and to have faith on the honest efforts of it (‘BHAARATEEY AWWAM TAAQAT DAL’) to bestow the citizenry honour and service to our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN and especially in them, the poor/daily earning labourers/rikshaw pullers/street sellers/destitute/ indigent/poor without any support of livelihood/poor at the last rung of the social ladder and make available the services permissile under rules at their door step i.e. in local panchaat OR municipal offices.

  1. इस तथ्य की जानकारी के साथ कि भारतीय अवाम का पाला 99% राज्य की सेवी संस्थाओं ( Delivery systems) से और शेष 1% केंद्र की सेवी संस्थाओं से—’भारतीय अवाम ताक़त दल’ केंद्र के शासन की बागडोर, भारतीय अवाम का यदि आशीर्वाद प्राप्त हुआ तो, सम्हालने के साथ अपने इस दायित्व से भलीभाँति वाक़िफ़ है कि यदि भारतीय अवाम को उनका वाज़िब सम्मान/सेवा वास्तविक रूप में देना है तो राज्यों की सेवी संस्थानों(पुलिस, नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत, बिजली, ब्लाक/ तहसील/रजिस्ट्री/जिलाधिकारी दफ्तर आदि) को अनुशासन/शख़्ती से भ्रष्टाचार/हरामखोरी मुक्त करते हुए उसे चुस्त/दुरुस्त, प्रणालीवद्ध( Systematic) करके ही किया जाना मुमकिन है । इसे ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ राज्यों को आवश्यक अनुरोध/मशविरा/निर्देश/आदेश एवम अन्य संवैधानिक उपायों के ज़रिये सुनिश्चित करेगा ।

जिन लोगों व उनके दलों द्वारा “अच्छे दिन” लाने की बात की जाती हैं, दावे किए जाते हैं उनको भी पता होना चाहिए कि केंद्र सरकार की सेवी संस्थाओं जिनसे भारतीय अवाम को सम्पूर्ण मिलने सेवाओं में से मात्र 1% सेवा मिलती है (शेष राज्य की सेवी संस्थाओं से—जैसा कि ऊपर बताया गया है) के बूते अच्छे दिन नहीं आ सकते । ऐसा भी नहीं कि राज्य की सेवी संस्थाओं जैसे पुलिस, नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत, बिजली, ब्लाक/ तहसील/रजिस्ट्री/जिलाधिकारी दफ्तर आदि द्वारा मिलने वाली सेवाओं को छोड़कर केंद्र की सेवाओं जैसे रेल, डाक, आय कर, केंद्रीय उत्पाद कर, सीमा शुल्क, वाहन-ईंधन (पेट्रोल-डीज़ल) आपूर्ति करने वाली कंपनियाँ जैसे इंडियन आयल कार्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम आदि द्वारा मिलने वाली सेवाओं जो भारतीय अवाम को मिलने वाली सम्पूर्ण सेवाओं का मात्र 1% है—के बूते कह रहे हों । इसलिए जो दल केंद्र में सत्तासीन है और जिसने “अच्छे दिन” लाने का वादा किया था यह उनका भी यही दायित्व बनाता है कि राज्यों को उचित ढंग से प्रभावित करके राज्यों की सेवी संस्थानों पुलिस, नगर निगम/नगर पालिका/नगर पंचायत, बिजली, ब्लाक/तहसील/रजिस्ट्री/जिलाधिकारी दफ्तर आदि को अनुशासन/शख़्ती से भ्रष्टाचार/हरामखोरी(सेवा/नौकरी के सभी फायदे लेते हुए काम न करना, अपनी सीट पर न मिलना, कार्यालय आने व जाने में घोर अनियमितता आदि) मुक्त करते हुए उसे चुस्त/दुरुस्त, प्रणालीवद्ध (Systematic) करके भारतीय अवाम को उनका वाजिब सम्मान-सेवा वास्तविक रूप में देकर “अच्छे दिन” लाने की शुरुआत करे । लेकिन अफ़सोस, उस दल ने ऐसा नहीं किया । अब “अच्छे दिन” लाने के लिए  केंद्र की सत्ता के साथ-साथ उन राज्यों में अपने दल की सरकार की मांग/बात रखी जहां उनके दल की सरकार नहीं थी ।

उत्तर प्रदेश, दिल्ली आदि की क़ानून/व्यवस्था की उस बदहाली से ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ वाक़िफ़ है कि हत्या, लूट, महिलाओं का अमानुषिक वृत्तियों का शिकार होना- – -यहाँ तक कि छोटी बच्चिया भी । 30-40 पूर्व महिलाओं एवं छोटी बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार के अल्फ़ाज़ों के कहने एवम सुनने, दोनों, में शर्म आती थी, झिझक होती थी, संकोच होता था । पर अब

तो इन शब्दों और इन शब्दों से नवाज़ी गई घटनाओं की बहुतायत को सुन-सुन कर कान पक गए हैं । 

इस तरह के राज्यों में आए दिन सत्ता दल के शासन के शह व अपरोक्ष समर्थन के बूते सत्ता दल के नेताओं/कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस कर्मियों/अधिकारियों की पिटाई व उनके साथ मार-पीट करने से पुलिस का मनोबल गिरा हुआ है । सत्ता दल व कतिपय अन्य दलों के नेताओं/कार्यकर्ताओं द्वारा अपराधियों को संरक्षण देने, बचाने हेतु राजनैतिक हस्तक्षेप तथा सत्ता दल द्वारा पुलिस अनुशासन शृंखला(Chain of Command) को तोड़ने व अनुशासनहीनता को बढ़ावा देने से पुलिस बल/संगठन के मनोबल में और गिरावट आई है

जिस पुलिस बल को शासन की रीढ़ समझा जाता है, जो पुलिस बल ग़रीबों/असहायों को तत्काल न्याय देने व मदद पहुंचाने हेतु स्थापित की गई है- – -इन्हीं तत्वों, दलों व उनके कार्यकर्ताओं की इस तरह की करतूतों ही के कारण वही पुलिस बल पूर्व कथित उद्देश्यों के विपरीत गतिविधियों में या तो स्वयं लिप्त है या प्रयुक्त होता है ।

इस सम्बन्ध में ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अपने देश-प्रदेश के भारतीय भाई-बहनों से विश्वास के साथ यह कहना चाहता है कि अवाम के आशीर्वाद स्वरूप केंद्र के शासन प्राप्ति की दशा में इन राज्यों के भारतीय भाई-बहनों की सेवार्थ ऐसी पुलिस व्यवस्था व उसका माहौल उपलब्ध कराएगा जिसके अंतर्गत अपराधी/बलात्कारी आदि आतंकित होंगे, अर्थात, अपराधी/बलात्कारी कोई भी अपराध करने के पहले 100-1000 बार सोचेंगे । शरीफ़-सज्जन-सीधे/सादे-अमन पसंद भारतीय भाई-बहन एवम उनके परिवार व बच्चे भय-मुक्त, स्वाभिमान-युक्त कहीं भी आ-जा सकेंगे, जीवन निर्वहन करेंगे- – ऐसी स्थिति को वापस लाने में समय लग सकता है, बत्ती के बटन दबाने जैसी जल्दबाज़ी मुमकिन नहीं । ग़रीबों/असहायों को पुलिस द्वारा मौक़े पर ही समय के अन्दर न्याय मिलेगा, मदद मिलेगी ।

  1. Being aware of the fact that for the services delivered to our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN), 99% of them are being interfaced with State Govrnment agencies and the rest 1% with those of Central Government, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is well conscious of its responsibility, in the event of handling Central Govt. as per the blessings of our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) in General Elections, that if the desrved citizenry honour and service are to be given in real sense to our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN), State delivery systems such as police, municipal panchaayats/ councils/corporations, Electricity, offices of Block/Tehseel/ Registry/Collectrate etc., it is possible only by making governance/administration free of corruption/Haraamqhoree (enjoying the fruits of job/service without doing work, not available on his/her seat, grossly irregular in coming to and going out of office etc.), tight/proper, systematic through discipline/strictness, bereft of any pressure/effect/connection of influentials/Daadaas/ruffians/mafias, bestowing them the honour of BHAARATEEY NAAGARIK (INDIAN CITIZEN) based on the principle of “TURN and EQUALITY”. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ will ensure this through necessary requests/consultations/directions to/with State Governments and other Constitutional measures/ways.

The people and their leaders who talked about and made promises of “Achchhe Din (Good Days)” with lofty claim trumpted and drummed up to bring it on the occasion of 2014 General Elections are expected to know that by Central Govt. agencies alone which delivers only 1% of the total services to BHAARATEEY AWAAM ( BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) (and the rest by those of State Govt., as explained above)  “Achchhe Din (Good Days)” can’t be broght out. It is equally in the realm of unlikelyhood that these people and their leaders might be making such lofty claim (of bringing “Achchhe Din (Good Days)” on the basis of Central Govt. alone as the General Elections 2014 were contested to form the Central Govt. only. Therefore, it is the responsibility of people who are in Central Govt. and who made promises of bringing “Achchhe Din (Good Days)”, to begin “Achchhe Din (Good Days)” by properly influencing State Governments in order to make its delivery systems such as police, municipal panchaayats/councils/corporations, Electricity, offices of Block/Tehseel/Registry /Collectrate etc. free of corruption/Haraamqhoree(enjoying the fruits of job/service without doing work, not available on his/her seat, grossly irregular in coming to and going out of office etc.), tight/proper, systematic through discipline/strictness, bereft of any pressure/effect/connection of influentials/Daadaas/ruffians/mafias, bestowing them the honour of BHAARATEEY NAAGARIK (INDIAN CITIZEN) based on the principle of “TURN and EQUALITY”. Alas, that party in Central Govt. didn’t do so. Now, in order to bring “Achchhe Din (Good Days)”, it has put the demand of power in the States as well.

      ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is aware of the worse situation of Law and Order in UP, Delhi etc., murder, loot, women being victim of inhuman/savagery  tendencies and acts such stalking/molestation/rape etc. even of small children. About 30-40 years back, there was hesitation and mental hitch in talking as well in listening misbehaviour with women and small children (girls). But now, by repeatedly listening these words and the incidences invoving such words, we (or our ears) have become sick of them.

      Generally daily, in such States, due to beating up of police constables/officers and manhandling/scuffle/cross thrashing with them by the leaders and workers of party in power, with the tacit support of the party’s Government, the morale of police force has been discouraged. On account of political interference in protecting or providing protection to criminals by leaders and workers of party in power and those of few other political parties, in breaking the chain of command in police discipline and in encouraging indiscipline in police force, the morale of police force has further dipped.

      The police force is viewed and considered as backbone of administration and has been established to deliver immediate and on spot justice and help to the people, particularly the poor and the one bereft of any help. It is only due to the aforesaid acts of these elements, party and their leaders and workers, the same force is either used or itself indulged in the activities just contrary to the above said objectives the force was established.

      In this respect, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ puts with confidence before our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN in country and various provinces  that, in the event of blessings of our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) in General Elections, for the citizenry honour and service to our BHAARATEEY AWAAM, it (‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’) will make available such a police establishment and its atmosphere in which it is the criminal, rapists etc. who will feel terrorised, not the common citizen, and will think 100-1000 times before committing a crime but the gentle-simple-peace loving people and their family and children will feel free of any fear, will go anywhere fearlessly and with confidence and similarly they can lead their lives. Bringing about such a situation will definitely take some time and hurry as of switching on of light is not possible. Poor and the one bereft any help will get help and justice on spot and in time.

  1. राज्यों में क़ानून-व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करके उनमें निवेश को आकर्षित किया जाएगा जिससे औद्यौगिक एवम आर्थिक विकास, विशेषकर पिछड़े इलाकों में, के साथ लोगों को रोजगार देने की गति को तेज किया जाएगा जिससे प्रति व्यक्ति आय में अपेक्षित वृद्धि को सुनिश्चित किया जायगा । औद्योगिक एवम आर्थिक विकास के जरिये राज्यों की आमदनी बढ़ाकर जनकल्याणकारी योजनाओं/कार्यों को क्रियान्वित/पूरा किया जाएगा ।
  2. The investments in the States will be attracted by making Law and Order tight and proper and industrial/economic development, particularly in backward areas, which provide jobs will be accelerated and thereby per capita income increase will be ensured. By increasing income of States through accelerating industrial and economic development, public welfare schemes/works will be executed and completed.
  3. राज्यों के बिजली विभाग (बिजली बोर्ड, पावर कार्पोरेशन आदि), विक्री कर (व्यापार कर आदि), सड़क परिवहन इत्यादि राज्यों के विभागों में व्याप्त सघन भ्रष्टाचार को समूल समाप्त कर, कार्य दक्षता/ उत्पादन मे संभव/अधिकतम वृद्धि करते हुए उनकी आमदनी में वृद्धि करके घरेलू बचत (Domestic savings) में कई गुना इज़ाफ़ा किया जाएगा । जिन राज्यों के सभी इलाकों में बिजली 24 घंटे आपूर्ति है, उन्हीं की तर्ज़ पर शेष राज्यो में भी बिजली की सुविधा वहाँ के भारतीय भाई-बहनों को उपलब्ध करायी जाएगी । इसी प्रकार अन्य आधारभूत सुविधाएं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, सड़क परिवहन, पानी( साफ पेय, सिचाई, उद्योंगों/कारोबार आदि सभी के लिए) सभी राज्यों में लगभग समान रूप से उत्तम स्तर की उपलब्ध करायी जाएगी ।
  4. By eradicating rampant and intense corruption in Electricity departmenr (State Electricity Boards and Power Corporation), Sales Tax (Trade Tax etc.), Road Transport etc, departments of the States and by augmenting the efficiency/production to the maximum/possible/optimum level, domestic savings through increase of income will be enhanced multifold. On the lines of the State providing 24 hour electricity to their people, electricity will be made available to our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) in rest of the States. Similarly, other infrastructures like Health, Education, Road, Road Transport, Water (safe/drnking, irrigation, industrial/enterprises and similar other purposes) of good standards and nearly equally in all the States will be made available.
  5. रेलवे केंद्र सरकार का एक बड़ा उद्यम है । इसको वाणिज्यिक रास्ते पर लाकर, राजस्व-हानि के सभी छिद्रों(रेलवे दावे, चोरी, व्याप्त भ्रष्टाचार, कई रुपों में साधनों की बर्बादी आदि) को बंद करके, रेलवे दक्षता को अधिकतम संभव सीमा तक लाकर, रेलवे राजस्व में कई गुना वृद्धि की जा सकती है । केंद्र सरकार के आय-कर, सीमा-शुल्क, केंद्रीय उत्पाद शुल्क में व्याप्त घोर भ्रष्टाचार तथा भारत संचार निगम लिमिटेड व महा नगर टेलीफोन लिमिटेड आदि जैसे विभागों में व्याप्त घोर भ्रष्टाचार एवम् हरामखोरी (सेवा/नौकरी के सभी फायदे लेते हुए काम न करना, अपनी सीट पर न मिलना, कार्यालय आने व जाने में घोर अनियमितता आदि) को समूल समाप्त करते हुए उनकी दक्षता को सम्भव-अधिकतम सीमा तक बढ़ाकर केंद्र सरकार की आमदनी में वृद्धि लाते हुए घरेलू बचत में कई गुना इज़ाफ़ा किया जा सकता है ।
  6. Railway is a big enterprise of the Central Govt. Manyfold increase in the earnings of Railways may be achieved by taking it on commercial lines, by plugging its all the holes of revenue leakages (Railway claim, theft, corruption, wastages through various ways etc.) and by augmenting its efficiency/production to the maximum/possible/optimum level. Domestic savings of nation BHAARAT may be enhanced multifold by rooting out the rampant and intense corruption and Haraamqhoree (enjoying the fruits of job/service without doing work, not available on his/her seat, grossly irregular in coming to and going out of office etc.) (particularly for the BSNL/MTNL like departments) and by augmenting its efficiency/production to the maximum/possible/ optimum level in the Income Tax, Custom, Central Excise, BSNL/MTNL etc. like departments of the Central Govt.
  7. इस प्रकार उपलब्ध कई गुना घरेलू बचत द्वारा निवेश में कई गुना वृद्धि करके आर्थिक विकास की गति को कई गुना तेज किया जा सकता है जो विदेशी पूंजी कभी नहीं कर सकती । विदेशी पूंजी हमेशा ख़तरनाक़ होती है क्योंकि विदेशी पूंजी निवेशक बड़े शातिर व होशियार होते हैं जो 1 रुपया लगाकर 10 रुपया इस देश से निकालने की फ़िराक़ में रहते हैं और वे ऐसा कर भी ले जाते है क्योंकि हमारे देश भारत में देश भक्ति का बहुत अभाव है व औसतन लोगों की बगैर मेहनत किए भारी रक़म पाने की हवश होती है जो रिश्वत द्वारा पूरी होती है । ये विदेशी कम्पनियाँ रिश्वत देकर देश हित का नुकसान कराने में माहिर होती हैं (देशी कम्पनियाँ भी अब यही कर रही हैं) और जिनके लिए उपरोक्त देश के माहौल (देश भक्ति का अति अभाव) में ऐसा करना बहुत आसान होता है । इन हालातों में आशातीत घरेलू बचत आर्थिक विकास के लिए वरदान साबित होगी । ऐसा करके विदेशी पूंजी आधारित विकास के नशाबाजों के समक्ष एक बहुत बड़ी नसीहत पेश की जा सकती है ।
  8. By multifold increase in Domestic savings thus made available, the pace of economic development can be accelerated many a times by enhancing the investment manyfold which foreign capital OR FDI can never do. Foreign capital in any form (whether FDI or otherwise) is always dangerous because foreign investors are, barring few exceptions, very shrewed and cunning who are dexterously vigilant in taking 10 rupee out of BHAARAT in lieu 1 rupee invested here. They also succeed in dong so because there is acute dearth of patriotism in our Nation BHAARAT, as explained in preceding paras, and on average, there is general appetite among our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN of making huge money without any labour which is fulfilled through bribery and corruption. The foreign investors are expert in damaging the national interest through bribe (now even domestic companies are doing the same) as the atmosphere prevalent in our Nation BHAARAT is conducive for forein as well as domestic investors because of the near absence of spirit of NATIONAL INTEREST and the patriotism among our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN). In the circumstances given, unexpected increase in Domestic Savings, as per the estimation/calculation of ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ explained in the previous para, will prove a boon for economic development. By doing this, a moral (teaching) can be presented before the people addicted of economic development through foreign capital/FDI only.
  9. अपने देश के स्नातक बेरोजगार भारतीय भाई-बहनों के दर्द का एहसास करते हुए ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ उनके लिए इस योजना/प्रस्ताव को क्रियान्वित करने का भरोसा दिलाते हुए उक्त दर्द में मरहम का खुलासा करता है कि 32 वर्ष के पूर्व वे बेरोजगार भारतीय भाई-बहन अपनी योग्यता/मेहनत का उपयोग करते हुए, साधते हुए जो भी नौकरी/स्थिति/हैसियत/Position हासिल करना चाहते हों, कर लें । उसके बाद, अर्थात, 32 वर्ष होने पर भी यदि वे बेरोजगार रह जाते हैं तो ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ की सरकार उन्हें चतुर्थ श्रेणी (क्रमशः राज्यों का) का वेतन देने को सुनिश्चित करेगी । साथ ही साथ ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ दो बातें स्पष्ट करना चाहेगा । प्रथम, ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ उन्हें (32 वर्ष वाले बेरोजगार भारतीय भाई-बहन जिन्हें चतुर्थ श्रेणी का वेतन देने का प्रस्ताव है) संस्कारी (माता-पिता-गुरु का आदर करने वाला), राष्ट्र-भक्त, भारतीय समाज के प्रति उचित सम्वेदनशील, समर्पित, कर्तव्यनिष्ठ (कम/मित भाषी होते हुए अधिक से अधिक काम करके दिखाये अर्थात, उसके द्वारा किया गया काम ही उसकी ज़ुबान/भाषा बने) एवम चरित्रवान (रुपया/पैसा की लिप्सा/लालच, भ्रष्टाचार आदि दुर्गुणों से दूर रहने व उन्हें दूर रखने की पर्याप्त क्षमता/क़ाबिलियत वाला) बनाने की चेष्टा करेगा जिसे उन्हें सफल करना होगा । द्वितीय, अपने स्थान पर किसी को लगाकर चतुर्थ श्रेणी वेतन की साझेदारी का धन्धा अमान्य होगा, वैसे वे चतुर्थ श्रेणी का कार्य करते हुए उच्च पदों हेतु आवेदन/प्रयास के अवसर से वंचित नहीं होंगे । इसी तारतम्य में ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ यह भी स्पष्ट करना चाहता है कि समानान्तर, सरकारी/निगम (केंद्र, राज्य—दोनों) के कर्मचारियों/अधिकारियों की भर्ती में भी इन्हीं मानदण्डों (संस्कार, राष्ट्रभक्ति, भारतीय समाज के प्रति उचित सम्वेदनशीलता, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा एवम चरित्रशीलता) को सुनिश्चित किया जाएगा । सरकार, कार्यरत नौकरशाही/कर्मचारीगण अर्थात, शासन/प्रशासन/सेवी संस्थानों( Delivery systems) में भी ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ इन्हीं गुणों/विशेषताओं सहित आचरण/व्यवहार को सुनिश्चित करेगा ।
  10. Realising the woes/misery of of our graduate unemployed BHAARATEEY BHAAI-BAHAN, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is making them to have trust in executing a scheme/proposal for providing them a healing touch. Our graduate unemployed BHAARATEEY BHAAI-BAHAN, before 32 years, should obtain/occupy the deserving service/position using and employing their labour and ability. After 32 years, in the event of even being unemployed, the govt. of ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’, if voted to power, will ensure to provide them Group D salary (as per the rates in respective States). Along with this, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ wants to clarify two points/facts : 1. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ will try to make them (our 32 years graduate unemployed BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) samskaaree (having good traits)(who respects his/her parents and Guru/teacher), RAASHTRABHAKT (having allegiance to the nation), having adequate sensitivity to BHAARATEEY society, dedicated, dutiful (doing maximum work and speaking minimum words i.e. his actions speak more than his words) and man of character (having adequate ability/capability to keep himself/herself away from greed/temptation of money/paisa and evils of corruption etc. and to keep these evils away from himself/herself) which they (our 32 years graduate unemployed BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) will have to make it success. 2. Sharing of Group D salary by employing somebody in his/her place will not be acceptable. Even otherwise, they will not be deprived of applying and making efforts for higher posts while doing their Group D job. In its continuation, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ wants to make it clear that parallelly, also in the recruitment of employee/officers of govt./corporations (of Centre and States, both), same criteria of samskaar, Raahtrabhakti—etc. will be ensured to be complied with. In govt., working bureaucracy/officials i.e. in governance/administration/delivery system also, the traits/characteristics and conduct/practice based on the same criteria will be ensured to be complied with.
  11. इन्हीं राज्यों में डिप्लोमा/आई टी आई धारक व बी टी सी/बी एड प्रशिक्षित बेरोजगार भारतीय भाई- बहनों की भर्ती सत्र वरीष्ठता (Session Seniority) के आधार पर किए जाने को ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ सुनिश्चित करेगा । यदि किसी समय रिक्ति अमुक सत्र वर्ष में बेरोजगार भारतीय भाई-बहनों की संख्या से कम होती है तो भर्ती उस सत्र वर्ष के प्राप्तांक अंक प्रतिशत (Merit) के आधार पर की जाएगी । उस वर्ष के शेष बेरोजगार भारतीय भाई-बहन सभी बेरोजगार भारतीय भाई-बहनों में वारीष्ठ होंगे एवम उत्तरोत्तर भर्ती तदनुसार एवम उपरोक्त मानदण्डों पर ही होगी ।
  12. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ will ensure the session seniority based recruitment of Diploma/ITI holder and BTC/B.Ed. trained unemployed BHAARATEEY BHAAI-BAHAN. If at any time, the vacancy in a year is less than the no. of the unemployed BHAARATEEY BHAAI-BAHAN, in that year, the recruitment will be done as per their merit (marks obtained vs maximum marks) and the remaining unemployed BHAARATEEY BHAAI-BAHAN of that year will be senior to other unemployed BHAARATEEY BHAAI-BAHAN and subsequent recruitments will be conducted accordingly and as per the said criterion.
  13. हमारे भारतीय भाई-बहनों को छोटे-छोटे कामों के लिए थाना, तहसील, जिलाधिकारी, नगरपालिका(नगर पन्चायत), बिजली, ब्लॉक आदि दफ्तरों का चक्कर काटना होता है । इन दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार व हरामखोरी (कर्मचारियों/अधिकारियों द्वारा काम न करना, अपनी सीट पर न मिलना, दफ्तर आने/जाने में भारी अनियमितता इत्यादि) के कारण हमारे भारतीय भाई-बहनों की परेशानी/दिक्कत कई गुना बढ़ जाती है । इस सम्बन्ध में ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अपनी भारतीय अवाम अर्थात अपने भारतीय भाई-बहनों को आश्वस्त करना चाहता है कि उनके आशीर्वाद स्वरूप केंद्र शासन प्राप्ति की दशा में उनकी ये सभी सेवाएँ, जिनके लिए अपने भारतीय भाई-बहनों को पूर्व वर्णित व्याप्त भ्रष्टाचार /हरामखोरी व आने/जाने के खर्चे आदि के कारण परेशानी/दिक़्क़त उठानी पड़ती है, झेलना पड़ता है- – -उनके दरवाजे पर ही अर्थात स्थानीय पंचायत दफ्तर में उपलब्ध कराकर उनको इन सेवाओं के लिए उपरोक्त परेशानी/दिक़्क़त से निज़ात दिलाने हेतु ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ स्पष्ट है । राज्यों को उचित/ आवश्यक प्रभावित/शिक्षित/प्रशिक्षित व आदेशित/निर्देशित करके ग्राम पंचायत दफ्तर से थाना/तहसील/ जिलाधिकारी/ब्लॉक/नगरपालिका(नगर पंचायत)/बिजली आदि दफ्तरों के बीच एक प्रभावकारी संचार व्यवस्था स्थापित/संचालित करके इसे मुमकिन किया जाएगा- – –ऐसी व्यवस्था को नए सिरे से स्थापित करने व सुचारु रूप से संचालित करने में कुछ वक़्त लग सकता है, बत्ती के बटन दबाने जैसी जल्दबाज़ी मुमकिन नहीं । इसी को ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ कहता है कि अपने भारतीय भाई-बहनों को भारतीय नागरिक की इज़्ज़त बख्शते हुए उनकी नियमान्तर्गत मिलनेवाली सेवाओं/सुविधाओं को उनके दरवाज़े पर ही बग़ैर किसी परेशानी/दिक़्क़त के उपलब्ध कराएगा । इस सम्बन्ध में ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ स्पष्ट करना चाहेगा कि ब्लॉक आदि दफ्तरों से मिलने वाले सामान/सामाग्री जैसे बीज/खाद आदि उन्हीं दफ्तरों से ही पूर्ववत मिलना जारी रहेंगे मगर नियमानुसार एवम भ्रष्टाचार/हरामखोरी मुक्त ।
  14. Our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN have to repeatedly go to the police station and the offices of Tehseel, collectrate, municipality, block etc. for small-small works/papers/certificates. Due to rampant corruption and HARAAMQHOREE (not doing their work, not available on their seat, gross irregularity in coming to-going from offices etc.) in these offices, the tragedy and misery our BHAARATEEY BHAAI-BAHAN multiply. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ wants to assure, in this regard, to our BHAARATEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) that ,in the event of handling Central Govt. as per the blessings of our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) in General Elections, it (‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’) will get our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN)) rid of afore said harassment/problem by making their all services, for which they have to become victim of above said prevalent corruption/HARAAHQHOREE and of bearing the expenses of repeated movements/journeys from pillar to post and accordingly suffer, available at their door step i.e. in local Panchaayat offices without being victim of any of the afore said hell like sufferings. This can be made possible by getting Stae Govt.s and its concerned agencies properly and adequately influenced / educated / trained and ordering/ directing them to establish an effective communication system between local Panchaayat offices and the offices of police station/Tehseel /Collectrate/block/Municipality/City Panchaayat/Electricity etc. Establishing such a new system in place from scratch and operating it properly will definitely take some time and hurry as of switching on of light is not possible. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ terms this very arrangement (for service to the people) that bestowing citizenry homour to our BHAARATEEY AWAAM (BHAARAEEY BHAAI-BAHAN) it (‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’) will make all the services under rules at their door step i.e. in local Panchaayat offices witout any harassment/problem. In this regard, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ will wish to make it clear that materials/goods such as seeds/fertilizers etc. being delivered from the offices of Block etc. will continue to be delivered from the same offices as before but as per rules and free of corruption and HARAAMQHOREE.
  15. कौशल विकास एवम कुटीर उद्योग को प्रोत्साहन देकर, कुटीर उद्योग के उत्पाद को विश्व/निर्यात योग्य/स्तर का तैयार कर अपने देश के ग्रामीड़ भारतीय भाई-बहनों की आमदनी मे वृद्धि करके तथा उनके खाली वक़्त का सदुपयोग करके उनके जीवन में खुशहाली लाने के बारे में ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ स्पष्ट है ।
  16. By encouraging Skill Development and Cottage Industries and by making the Cottage Industries produt of global/export level thereby increasing the income of our rural BHAARATEEY BHAAI-BAHAN and utilising their spare time, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is clear in bringing about the happiness in their lives.
  17. ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ को इस बात का इल्म है कि ग़रीब/असहाय/विपन्न एवम इस्लाम धर्मावलम्बी भारतीय भाई- बहनों के नाम पर सत्ताधारी दल एवम उनकी सरकार कई सुविधाए/योजनाए चलाने का नारा लगाती है, ढिंढोरा पीटती है । पर उन योजनाओं/सुविधाओं का लाभ भारतीय अवाम के लक्षित तबक़े के पास इसलिए नहीं पाहुच पाता क्योंकि उनकी प्रक्रिया के दौरान बिचौलियों/दलालों द्वारा उस लाभ का अधिकांश हिस्सा चट कर दिया जाता है । ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ ने सोंच रखा है कि एक वास्तविक आर्थिक सर्वेक्षण करवाकर असली ग़रीब/असहाय/विपन्न को सरकार के नेट पर दाल दिया जाय ताकि यह सुनिश्चित हो जाय कि वास्तविक ग़रीब/असहाय/विपन्न यहीं हैं । अपने ग़रीब/असहाय/विपन्न भारतीय भाई-बहनों के यहाँ होने वाले इस तरह के किसी भी अवसर/घटना (बेटी की शादी, किसी पारिवारिक सदस्य की मृत्यु इत्यादि) पर प्रमाणित करने के लिए अधिकारियों/कर्मचारियों की संख्या /किस्म बढ़ाकर (उदाहरणार्थ लेखपाल/ग्राम प्रधान/ग्राम सचिव/क्षेत्र पंचायत सदस्य आदि) व इनमे से किसी एक, जो भी मौक़े पर उपलब्ध हो, के द्वारा प्रमाणित कराके भारतीय भाई-बहनों के पीड़ित/लाभार्थी व्यक्ति/परिवार के खाते में सहायता धन राशि उसी नेट के माध्यम से तुरन्त पहुंचा दिया जाय ।
  18. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is aware that the party in power and its govt. make resounding slogans and trumpet about carrying out numerous schemes/facilities in the name of our poor/poor bereft of any support/indigent/destitute and Islaam Dharmaawalambee BHAARATEEY BHAI-BAHAN. The benefit of these schemes/facilities do not reach to the targeted section of our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) because during the process (of these schemes/facilities), larger chunk of benefit of these schemes/facilities is eaten up by the middlemen/brokers. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ has thoughtfully decided that a factual economic survey be conducted and posted on govt. net so that one can be sure that theses are the real deserving section among our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN). By increasing the no. as well as variety of officials (such as Lekhpal/land record keeper, Gram Pradhan/village head, Gram Sachiv/village secretary, BDC member etc.) to certify so that on the occasion of an incidence like daughter’marriage, death of a family/earning member etc. in the families of deserving section among our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) at least any of them could readily be available on or near the spot, the relief/assistance money will be transferred directly into the bank account of the affected/deserving person through the same govt. net after getting it certified by any of the afore said officials whosoever can readily be available on or near the spot.
  19. ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अपने देश के किसान/खेतिहर भारतीय भाई-बहनों को मिलने वाली छूट (Subsidy) को सीधे उनके बैंक खाते में पाहुचाने की व्यवस्था करेगा तथा गन्ना मिलों आदि के यहाँ उनकी बकाया राशि न्यूनतम समय के अंदर भुगतान कराने को सुनिश्चित करेगा । ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ मंडी आदि में बिचौलिये इत्यादि की भूमिका समाप्त करके किसान/खेतिहर भारतीय भाई-बहनों को उनके उत्पाद का उचित सरकारी मूल्य दिलाने को सुनिश्चित करेगा ।

किसान/खेतिहर भारतीय भाई-बहनों को राज़ी कर उनकी भूमिधरी (Free holding) को बग़ैर छूये (Keeping it intact) सामूहिक वाणिज्यिक खेती (Collective Commercial Farming) के ज़रिये उनकी आमदनी कई गुना वृद्धि करने के प्रति ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ गम्भीर है । ऐसा उद्योगपतियों जिनके पास पर्याप्त पूंजी होती है और जिस पूजी के अभाव में खेती में उद्योग जैसा उत्पादन/लाभ मुमकिन नहीं हो पाता—की सहायता से लागू करने के प्रति ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ संज़ीद है । किसानों, उद्योगपतियों के बीच प्रभावकारी/लाभकारी समन्वय एवम नियामक तंत्र( Regulatory Machinery) स्थापित करके ऐसा सम्भव है । ऐसा करके वे किसान/खेतिहर भारतीय भाई-बहन जो छोटे-छोटे कास्तकार हैं और जिनके पास उस छोटे से खेत से अपेक्षित आमदनी/लाभ लेने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं होती—इस तरीक़े से उसके छोटे खेत से ही अधिक आमदनी/लाभ लाकर इन छोटे कास्तकार भारतीय भाई-बहनों के जीवन में खुशहाली लाने के बारे में ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ स्पष्ट है ।

  1. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ will make the arrangement to get subsidy money of farming/tilling section of our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) directly into their bank account and it (‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’) will ensure the payment of their outstanding/due money from sugarcane mills etc. in least possible time. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ will also ensure the fair/justified price at govt. rates of the produce of farming/tilling section of our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) be paid on the spot itself by eliminating the role of middlemen/brokers in Mandi’s.

      By making farming/tilling section of our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN), specially the marginal segment within them, convinced and taking into confidence that their free-holding of their land will not be touched or affected, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is serious about multifold increase in their income through “Collective Commercial Farming” scheme. Realising the fact that in agriculture, industry like production/profit is not possible for want of capital and this capital is available with industrialists, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is sanguine about launching the “Collective Commercial Farming” scheme on the basis of partenership of farming/tilling section of our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN), specially the marginal segment within them, with indutraialists. By establishing an effective and mutually beneficial co-ordination and a regulatory mechanism between farmers and the industrialists, this will be made possible. By generating more earnings/profit from the same their small land through this scheme, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is clear about bringing out happiness in the lives of those farming section who are marginal farmers of our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) and can not earn expected income or profit in absence of adequate capital.

  1. घरेलू बचत आधारित आर्थिक विकास, औद्योगिक विकास, स्व-रोजगार देने वाली कौशल विकास जैसी योजनाओं को तेजकर हमारे बेरोजगार भारतीय भाई-बहनों को रोजगार देने को वृहद अंज़ाम दिया जाएगा । सरकारी, निगम (केंद्र व राज्यों—दोनों के) की सभी वाज़िब रिक्तियों को तेजी से भरकर इनमें रोजगार देने की अपेक्षित गति लायी जाएगी।
  2. Massive employment generation drive to provide employment to our unemployed BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) will be given its logical and fructified shape by accelerating the Domestic Savings based economic development and industrial development and the self-employment generating schemes like KAUSHAL VIKAS etc. Providing employment will be given required speed by speedly filling up of all the genuine vacancies in govt., corporations (of Centre and States, both).
  3. देश में आरक्षण समाप्त कर आर्थिक साधन-विहीन भारतीय भाई-बहनों को उचित/पर्याप्त आर्थिक मदद देते हुए एवम सीखने व उनकी अपनी आन्तरिक प्रतिभा को निखारने हेतु उचित स्तर का (दिल्ली आदि के स्तर का) उचित/पर्याप्त वातावरण (Coaching, Training, Pruning, Grooming आदि) निःशुल्क उपलब्ध कराते हुए उन्हें उनकी निखरी हुई नैसर्गिक क़ाबिलियत के बूते उनके पात्र नौकरी/ओहदा व उनकी पात्र सामाजिक प्रतिष्ठा, जिन सभी के वे अपने समकक्ष भारतीय प्रतिस्पर्धियों के समतुल्य नैतिक हक़दार हैं, बख़्शने में ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ यक़ीन करता है ।
  4. In our country BHAARAT, by doing away the business of “RESERVATION”, by providing adequate/justified economic support to those of our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) who are bereft of economic means, by making available them the facilities and environment of training/coaching/pruning/grooming of adequate standard (of Delhi etc. level) and by giving the proper/adequate atmosphere to take the talent within themselves full bloom through all these, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ believes in bestowing their deserving prestige and recognition by dint of their occupying deserving posts/positions at par with their Indian competitor counterparts in Indian Establishment and thereby in Indian society—-to which all these they are morally claimant, through their bloomed capability/ability.
  5. ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अपने देश में शिक्षा को वाणिज्यीकरण के चंगुल से आज़ाद कर उत्तम गुणवत्ता वाली शिक्षा अपने भारतीय भाई-बहनों को उपलब्ध कराएगा । मेडिकल, इंजीनियरिंग, व अन्य तकनीकी शिक्षा देने वाले अनगिनत कॉलेज (breeds of colleges), Donation/Capitation Fees की बुराइयों से ग्रसित, शिक्षा देने के नाम पर गुणवत्ता वाली शिक्षा के साथ खुला खिलवाड़ कर रहे हैं । उपरोक्त Donation/Capitation Fees आदि बुराइयों को समाप्त करके ऐसे संस्थानों को गुणवत्ता वाली शिक्षा देने के रास्ते पर लाया जाएगा और जो संस्थान ऐसा करने में असमर्थ होंगे उन्हें बंद किया जाएगा ।
  6. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ will make available the good quality education to our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) by getting education rid of the stranglehold of its COMMERCIALIZATION. Plethora of medical colleges, engineering colleges and other technical colleges OR breeds of colleges, ridden with the maladies of charging exorbitant/ massive and thoroughly unjustified donation/capitation fees etc., are ruthlessly playing with quality of education. Through adequare amelioration of maladies of charging exorbitant, massive and thoroughly unjustified donation, capitation fees and through other remedial measures, such educational institutions will be brought on the track of quality education. Institutions not willing to fall in line with the aforesaid policy/discipline will be closed.
  7. ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ का स्पष्ट विचार है कि वे सरकारी निगम (केंद्र व राज्यों—दोनों के) इकाइयाँ जो व्याप्त भ्रष्टाचार, हरामखोरी, निकम्मापनी व राजनीतिक हस्तक्षेप से ग्रसित होने के कारण घाटे मे चल रही हैं, उनके इन बुराइयों/बाधाओं को दूरकर, उनके आर्थिक स्वास्थ्य सुधारकर उनको लाभ कमाने वाली कम्पनियों में तब्दील किया जाएगा जिससे राष्ट्र की आमदनी में वृद्धि होगी व इन निगमों के कर्मचारियों/अधिकारियों को नियमान्तर्गत मिलने वाली सभी सुविधायें मुहैया मुमकिन भी होंगी ।
  8. It is the clear view of ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ that the govt. PSUs (Central and State, both) which are running in loss on account of it being in the grip of rampant corruption, HARAAMQHOREE (enjoying the fruits of job/service but not doing work, not available on his/her seat, gross irregularity in coming to and going out of office, thoroughly shirking etc.), incompetence (of workers/officers/managers and even of its head), political interference etc., by removing these ills/hindrances and improving their economic health, such govt. PSUs will be transformed into profit making ones by which there will increase in national income and all the facilities under rules to their staff/officers will also be possible.
  9. अपने देश भारत में विज्ञान, तकनीकी, अन्तरिक्ष विज्ञान, परमाणु ऊर्जा विज्ञान इत्यादि व उनके शोध संस्थानों को और दक्ष एवम कारगर बनाया जाएगा ।
  10. In our country BHAARAT, Science, Technology, Space Science, Atomic Energy Science and their research institutions will be made equipped with more expertise and effectiveness.
  11. गुरुकुल/मदरसा और इस तरह की धार्मिक शिक्षा/ज्ञान की अवधि को सीमित कर छात्रों को गणित, विज्ञान, कम्प्यूटर इत्यादि रोजगार देने वाली अन्य तकनीकी शिक्षा/ज्ञान देने की उस योजना को अमल में लाया जाएगा जिससे वे नवयुवक जो उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक नहीं हैं—में रोजगार उन्मुखी क़ाबिलियत विकसित कर, सरकारी सहायता से स्व-रोजगार शुरू कर सकते हैं ।
  12. A sceme will be implemented under which the youths who are not subsequently interested in higher education and taking religious education/knowledge in Madarasaas and Gurukul etc., can start their own self employment with govt. assistance. This can be done by developing the employment oriented capability in these youths by limiting the period of religious education/ knowledge in Madarasaas and Gurukul etc. and equipping these youths with the education/ knowledge of mathematics, science, computer etc. and other employment oriented technical education.
  13. आतंकवाद, अपराध, माफिया/दादाओं/गुंडों की समस्या, जो अपने भारतीय समाज की परेशानी का शबब एवम बड़ा अभिशाप तथा आर्थिक विकास का बड़ा रोड़ा है, के समाधान हेतु हमारे आदरणीय स्वर्गीय प्रधान मंत्री श्री मोरार जी देसाई, जो एक महान देश-भक्त/अनुशासन प्रिय/कुशल प्रशासक थे और देश व लोग इस सम्बन्ध में उनका लोहा मानते थे, के उस विचार, “यदि देश/शासन किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह को आतंकवादी या घोर माफिया/दादा/गुंडा समझता है तो उसे जेल में बैठा-बैठा कर खिलाने से कोई फायदा नहीं है । उसे देश का शत्रु मानते हुए उनका उसी प्रकार ही निपटारा करने की ज़रूरत है जिस प्रकार हमारी सेना अपने देश पर आक्रमण करने वाले शत्रु को निपटाती है ।”, का अनुसरण करते हुए ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ बस इस आवश्यकता की पूर्ति हेतु सजग है कि इसे राष्ट्र-भक्ति के नज़रिये से सम्पन्न किया जाय एवम आतंकवादियों/घोर-अपराधियों/माफिया/दादाओं/गुंडों की पहचान ईमानदार व सच्चे ढंग से कर ली जाय ।
  14. For the solution of terrorism, crime and the problem of Daadaas/Gundaas/mafias who are at the root of climax of tragedy and scourge in BHAARATEEY society and is a big hindrance in economic development, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is convinced, in this regard, to follow the opinion of our honourable late Prime Minister Sh. Moraar Jee Desaai who was a great patriot, able administrator, strict disciplinarian and this country BHAARAT and its people, in this respect, consider him as the man of ever unflinching, unflagging and never negotiable view that “ if this country and its govt. consider a person or group of persons as terrorist or hard core mafia/daadaa/gundaa, then feeding them in jail leisurely is of no use. They are required to be treated at par with enemy to the country and to be dealt with in the way our forces do with the enemy attacking on our country.”, and is cautious and alert in observing the only precaution that this should be accomplished with patriotic attitude and an honest and true identification of the terrorists, hard core mafias/daadaas/ gundaas be carried out.
  15. अपने देश में ग्लैमर-विज्ञापन-सिनेमा-टेलीविज़न जगत द्वारा, कुछ अपवादों को छोड़कर, फैलाये जा रहे सांस्कृतिक प्रदूषण हमारे भारतीय समाज का एक बहुत बड़ा कोढ़ बन गया है । इस गतिविधि में लिप्त लोग इसे एक ऐसे उद्योग के रूप में संचालित कर रहे हैं जिसमें समाज की कुछ रसूक वाली हस्तियों, अधिकारियों, नेताओ, मंत्रियों की या तो सीधी साझेदारी/संलिप्तता है या इनका संरक्षण प्राप्त है । यह जगत इस मानसिक नशा/कुंठा (Craze/Mania) से अपना यह धंधा चला रहा है कि, “ हमारी बहू-बेटियों को काम-वासना की हिंसक/पाशविक प्रवृत्ति को आह्वाहन करने वाले न्यूनतम वस्त्र में पेश करने से ही इनका माल/सामान बिकेगा ”। फैशन जगत इस समस्या की आग में घी का काम कर रहा हैहोटलों, फार्म हाउसों (अब तो छोटी-छोटी जगहों में भी ) में फूहड़/बत्तमीज़ी भरा/नग्न/मानव के अन्दर हिंसक पाशविक प्रवृत्तियों को आह्वाहन करने वाला कामुक नृत्य (इसमे शामिल लोग अपने को ‘एडवांस’ होने का दम्भ भरते हैं) इस समस्या को और गहरा कर रहा है । हमारे बच्चे, बहू बेटियाँ इसका उसी प्रकार शिकार हो रही हैं जिस प्रकार हमारे कतिपय युवा-युवतियाँ नशीली दवाओं/ड्रग के शिकार हो रहे हैं । इसी सांस्कृतिक प्रदूषण एवं न्यूनतम वस्त्र वाले फैशन (जिसके द्वारा हमारी बहू-बेटियों के तन ढकने व उनके इज्ज़त/सम्मान की रक्षा करने के बजाय मानव की पाशविक/हिंसक प्रवृत्ति को आह्वाहन करने वाले अंग प्रदर्शन/उभार को प्रोत्साहन मिलता है) के चलते हमारी बहू-बेटियों पर घूरने/फब्तियाँ कसने/छेड़खानी करने/अमानुषिक वृत्तियो (बलात्कार आदि) का शिकार होने जैसे अपराध/अत्याचार को प्रोत्साहन एवम् बढ़ावा मिलता है । ये लोग अभिव्यक्ति की आज़ादी (भारतीय संविधान मे वर्णित मूल अधिकार ( धारा 19(1) A)) को अपनी ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन ये लोग भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त ‘ अभिव्यक्ति की आज़ादी ’ के साथ पालन की जाने वाली उसी संविधान द्वारा निर्देशित प्रतिबन्धों का जान-बूझकर सम्मान नहीं करते, अवहेलना करते हैं। इसके ख़िलाफ़ उठने वाली हर आवाज़ को Moral Policing———” इत्यादि जुमलों/Buzz Words/Idiomatic Sound Bites के ज़रिये धता-बता देते हैं, इसके बूते दबाने की कोशिश करते हैंबौद्धिक समाज (Intelligentsia )-व्यापारिक समाज-औद्योगिक समाज का इस समस्या/विषय पर मौन/मूक-समर्थन/साँठ-गाँठ इस समस्या की जटिलता/विकरालता को और बढ़ा रहा है । नारी सम्मान भारतीय संस्कृति के मूल में है । “आधी आबादी, नारी-सशस्त्रीकरण————–” इत्यादि ऊँचे-ऊँचे नारों के बीच हमारी भारतीय नारी-सम्मान के साथ उपरोक्त वर्णित खिलवाड़ करता यह समूह/Gang अपना उपरोक्त वर्णित धन्धा उस दल के शासन काल में भी निर्बाध रूप से चला रहा है जो दल “भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद” की राजनीति करता है तथा उसके एकलौता चैम्पियन बनने का दम्भ भी भरता है और “नारी सम्मान भारतीय संस्कृति के मूल में है ”—यह उसको अच्छी तरह पता है । इस साँस्कृतिक प्रदूषण से उन भारतीय नागरिकों (भारतीय अवाम)(भारतीय भाई-बहनों) को कष्ट पहुँच रहा है जो अपने घर की इज्ज़त (घर की बहू-बेटियाँ) को ढँक कर ही उन्हे काबिलियत के हर क्षेत्र में उतारते हुए उसकी बुलन्दियों पर पहुंचाकर उन्हें प्रतिष्ठा बख्शना चाहते हैं । ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ इस भीषण समस्या का समूल अन्त करने का अपनी भारतीय अवाम को आश्वासन देता है ।
  16. The cultural pollution in our country BHAARAT, being spread and poisoned by the syndicate of world of glamour, advertisement, television and cinema, has become a big leprosy of our BHAARATEEY society. The people indulged in such activities run it as an industry in which some influential personalities, officers, political leaders, ministers are EITHER directly involved/entangled in such activities OR they provide protection/patronage to it. This world (of glamour, advertisement, television and cinema) run its business/industry with the mania or sieged mentality that, “ By presenting our daughters and daughters-in-law only in a minimum, nearly nude, cloth seducing the violent savagery tendencies within humans, their products can become worth saleable” . The fashion world is stoking the fuel in this fire of cultural pollution. The vulgar/near nude/obscene/savagery tendencies (within humans) inviting seductive dances, some where even with near strip-tease, in hotels, farm houses, now at even smaal town/places, the visitor people there brag themselves as ‘ADVANCED’, is further aggravating the problem. Our children, daughters-in-law and daughters fall prey to such tendencies in the way they become victim of drug addiction. On account of cultural pollution and fashion of minimum cloths {through which instead of covering the body and protecting the prestige and honour of our GHAR KEE IZZAT (daughters-in-law and daughters), there is encouragement to (seducing tainted) organ (of the body)/body exposure inviting savagery tendencies within humans}, crime/atrocities against our GHAR KEE IZZAT such as stalking/casting indecent comments/molestation/ inhuman trearment (rape etc.) get abetment. The people of this world are using the Fundamental Right “Right to Freedom of Expression”, guaranteed by the Indian Constitution (Article 19A(1)) to every citizen of this country, as their shield but they deliberately ignore the restrictions, defined in the same Indian Constitution, to be obeyed alongwith this Fundamental Right. They mock, belittle, debunk and trivialise with derision any voice being raised against such tendencies and activities with the help of their hackneyed chant/rant/argument in the form of buzz words or idiomatic sound bites, “MORAL POLICING——————-” and on basis of this, they try to suppress such voices. The silent/meek support to or even connivance with such people of intellectual society, commercial society and industrial society is adding to the complexity of the problem. Honouring women is the root of concept of BHAARATEEY SAMSKRITI (Indian Culture). Amidsts the lofty and high resounding slogans of “AADHEE AABAADEE (half the population i.e. women) NAAREE SASASTREEKARAN (women empowerment) etc.”, the above said syndicate is running its afore said business, which demean and play havoc with the honour and prestige of our BHAARATEEY BAHAN-BETEE (Indian sisters and daughters), UNBRIDLED during the regime of that party which claims to carry out the politics of “BHAARATEEY SAANSKRITIK RAASHTRAWAAD (Indian Cultural Nationalism)” and brag itself to be the sole champion of such ideology and the party is fully conscious that Naree Sammaan is the root of Indian Culture——THIS IRONY DESERVE THE ATTENTION OF EVERY BHAARATEEY BHAAI-BAHAN WHO LOVE AND RESPECT NAAREE SAMMAAN( honour of women), THE ROOT OF BHAARATEEY SAMSKRITI (Indian Culture). This cultural pollution is paining those BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) who want to bestow prestige and honour to their GHAR KEE IZZAT (prestige of house) i.e. daughters and daughters-in-law, by making them able, capable and meritorious in every deserving walk of life, capable to attain the pinnacles of success and occupying their deserving positions/posts in BHAARATEEY Establishment as well as in BHAARATEEY society ONLY THROUGH COVERING (their GHAR KEE IZZAT) AND NEVER THROUGH a minimum, nearly nude, cloth seducing the violent savagery tendencies within humans . ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ assures our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) to uproot this ferocious problem
  17. भ्रष्टाचार जो हमारे सामाजिक, व्यवस्था एवम राजनैतिक जीवन का एक अविभाज्य हिस्सा बनकर इसे दानव की भांति निगल रहा है—को समूल समाप्ति के लिए ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ कृतसंकल्प है । इनमें राजनीतिक भ्रष्टाचार सभी भ्रष्टाचारों की जननी व गंगोत्री है । भारतीय अवाम समाज एवम व्यवस्था के नीचले स्तर के भ्रष्टाचार से त्रस्त एवम दुखी हैवही उसको सबसे अधिक परेशान करता हैइसलिए भारतीय अवाम उसी की सबसे अधिक चर्चा भी करता है जैसे पुलिस, तहसील, नगरपालिका, बिजली आदि के दफ्तर उस दुख/परेशानी से वह( भारतीय आवाम) इतना पूर्वाग्रहित होता है कि उसे बड़े-बड़े भ्रष्टाचार/लूट/घोटाले, जो राजनीतिक व व्यवस्था के ऊपरी हिस्से के द्वारा किए जाते हैं एवम जिन भ्रष्टाचारों से वह पूर्वाग्रहित होता है—उनसे कई गुने आयाम के होते हैं, बड़े शातिराना तरीकों से किये जाते हैं—ऐसे घोटालों/भ्रष्टाचार/लूट के प्रति वह (आम भारतीय अवाम) या तो उदासीन रहता है या उतनी उग्रता/संज़ीदगी नहीं दिखाता । लेकिन यह सभी को अच्छी तरह से मालूम होना चाहिए कि राजनैतिक भ्रष्टाचार समाप्त किए बग़ैर अन्य दूसरे/छोटे भ्रष्टाचार समाप्त नहीं किए जा सकते ।

सभी राजनीतिक दल व अब तक की सरकारें तमाम संस्थाओं जैसे सीबीआई, भ्रष्टाचार निरोधक विभाग/दस्ते, ख़ुफ़िया विभाग, न्यायालय/उच्च व सर्वोच्च न्यायालय इत्यादि स्थापित कर दी हैंजो छोटी मछलियों जैसे छोटे-मोटे कर्मचारी/अधिकारी व व्यापारी को लटकाकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेती हैं और मीडिया/अखबार की सुर्खियां बटोरती रहती हैंअपने देश का मीडिया जगत भी कुछ इसी तरह के पाखण्ड व Skulduggery एवम् मिथ्या समाधान पर ही High Profile Hype में लिप्त हैपर बड़ी मछलियों जैसे बड़े राजनैतिक दल एवम उनके बड़े नेता आदि का बाल बाँका करना तो दूर, ये सभी संस्थाए इन बड़ी मछलियों की रक्षा कवञ्च (Safety net/gauntlet) बनकर इनके भ्रष्टाचार/पाप को ढंकती रहती हैं और इनकी रक्षा करती रहती हैंभ्रष्टाचार के नाम पर अन्ना अपने लाम-लश्कर के साथ आन्दोलन चलाये, नाम कमाए, अखबारों की सुर्खियां बटोरीं,  उसी लाम-लश्कर का एक टुकड़ा एक सरकार भी चला रहा है, जन लोकपाल बिल की ऊँची-ऊँची व लम्बी-लम्बी बातें कीं, पर राजनैतिक भ्रष्टाचार समाप्त कैसे हो, इस पर रत्ती भर भी काम नही किया, पाखण्ड/ढकोसलों/नारों से ही काम चलाया

राजनैतिक भ्रष्टाचार तब तक समाप्त नहीं हो सकता जब तक यह पक्की तरह से सुनिश्चित न हो जाय कि एक भी पैसा भारतीय चुनावों में लगाना बिलकुल नामुमकिन है, और इसकी ज़रा सी भी संलिप्तता/क्रिया-कलाप, पाये जाने पर, जीते हुए सदस्य की सदस्यता एवम उसके दल की मान्यता-दोनों को खा/निगल सकती है । ऐसा सरकारी चुनावी खर्च व्यवस्था, जिसमें एक भी पैसा उम्मीदवार एवम उसके दल को नहीं लगाना है, सारा खर्च सरकार उठाएगी,  उम्मीदवार या उसके दल द्वारा एक भी लगाया हुआ पैसा पाया गया तो उस उम्मीदवार की उम्मीदवारी तथा यदि वह जीत गया है तो उसकी सदस्यता रद्द होगी, भविष्य में चुनाव में खड़े होने के लिए भी उसकी उम्मीदवारी  अवैध होगी । साथ ही उसके दल, यदि कोई है तो, की मान्यता भी समाप्त होगी । इस व्यवस्था को सरकारी खर्चे पर चुनाव (State Funding) के नाम से जाना जाता है । ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ रैली आदि जैसे  आयोजनों की दुर्व्यवस्था (भ्रष्टाचार का गम्भीर स्रोत) की समाप्ति एवम उसके स्थान पर सरकारी खर्चे पर सरकार नियंत्रित/सीमित रैली के पक्ष में है

ऐसी व्यवस्था के मुमकिनात पर वे सभी दल सवाल उठाएंगे जिन्होंने 60-70 सालों से चुनावों को धन-बल/बाहु-बल के बूते पर व जातिगत/ साम्प्रदायिक / भाषाई/प्रान्तीय / क्षेत्रीय /सामूहिक भावनाओ का शोषण /भड़का कर तथा इन्हीं के आधार पर भारतीय समाज में भेद-विभेद-तनाव-वैमनस्य-ज़हर-विध्वंस आदि पैदा/फैलाकर करके ही जीतते आए हैं, क़ामयाब होते आए हैं एवम ऐसी स्थिति निर्बाध रूप से ज़ारी रहे—ऐसी जिनकी मंशा/साज़िश है और साथ ही साथ जिन्होंने  हर संस्था को अपने हित में साध-साध कर अपने जैसा, बहुत थोड़े से अपवादों को छोड़कर, ( तिकड़मी, झूठ बोलने वाली, चेहरा देखकर क़ानून/नियम लगाने वाली व Political/Social/Positional Snobbery में लिप्त आदि) बना डाला । इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि यह उनकी कल्पना/ज़ेहन में ही नहीं आ सकती कि ऐसा भी सम्भव किया जा सकता है । लेकिन ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अपने भारतीय भाई-बहनों को पूरे भरोसे के साथ आश्वस्त करना चाहता है कि ऐसा किसी भी राष्ट्र-भक्त शासक दल द्वारा बग़ैर किसी मुश्किलात के सम्भव किया जा सकता है । बस उसे व्यवस्था/तंत्र से उन मुट्ठी भर तत्वों की एक ईमानदार पहचान (Honest identification) कर  सफाई कर देनी होगी, निकाल बाहर कर देना होगा जो तिकड़मी हैं, झूठ बोलने वाले हैं, चेहरा देखकर क़ानून/ नियम लगाने वाले हैं व Political/Social/ Positional Snobbery में लिप्त हैं व इनके जरिये स्व-उत्थान (Self aggrandisement) में लिप्त हैं‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ का इस मामले में दो टूक मत है कि इन तत्वों को बाहर करने में किसी किस्म की मुरव्वत नहीं बरती जानी चाहिए अर्थात, सेवा मुक्ति/बर्खास्तगी के साथ-साथ यदि परिस्थिति की माँग अनुसार अमुक तत्व के पेंशन बंद करना, जेल भेजना, देश के बाहर निकाल देना, उनके सारे आर्थिक स्रोत/संसाधन व बैक खाते बन्द करना आदि ज़रूरी है तो उसमे ज़रा सी भी ढील व हिचक नहीं होने देना चाहिए इन्हीं तत्वों की वजह से ही तो पूरी की पूरी प्रणाली/व्यवस्था/तंत्र  अपने लक्षित उद्देश्यों के विपरीत आचरण करने लगती है । ऐसा सिर्फ व सिर्फ ‘भारतीय अवाम ताक़त’ दल ही कर सकता है  क्योंकि यह एक शुद्धतः राष्ट्र भक्ति का संगठन है जो अमर शहीदों की क़ुर्बानी एवम शहादत की प्रेरणा/पैग़ाम पर निर्मित है । राजनीतिक भ्रष्टाचार की समाप्ति से शुरुआत कर भ्रष्टाचार को भारत की सर ज़मीन से उसी ज़ज़्बे से समाप्त करेगा जिस ज़ज़्बे से अपने देश के ‘भारतीय राष्ट्रवाद’ के महान एवम् मौलिक प्रेरक श्री चाणक्य (कौटिल्य) जी ने कुश को जड़ से समाप्त किया था ।

  1. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is committed to root out the menace of corruption which being the inextricable part of our society, Establishment and political life deavouring the essence, sappng the vitality of all the organs/units/parts of BHAARATEEY Establishment and BHAARATEEY society. Out of all the corruptions in various forms and places, POLITICAL CORRUPTION is the mother and GANGOTREE, origin place of river Ganga, of all the other corruptions. Our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) are much aggrieved and under distress by the corruption of the lowest strata of the BHAARATEEY Establishment and BHAARATEEY society as it harasses them the most. Therefore, BHAARATEEY AWAAM discusses most about this corruption only such as those of police, Tehseel, Municipality, Electrcity office etc. He, the BHAARATEEY AWAAM, is so pre-occupied with the grief and harassment by the corruption of the lowest strata of the BHAARATEEY Establishment and BHAARATEEY society that he is not able to come out of that. That is why, either he remains apathetic or does not exhibit that much degree of outrage and sensitivity on the corruption of the upper strata of BHAARATEEY Establishment and at the political level which are done with high degree of shenanigans and are of amount very much larger than that of the corruption which causes his grief and harassment the most. But it should be known to everybody that without the removal of corruption at the highest level of BHAARATEEY Establishment and that at the political level, other corruptions can’t be removed.

      All political parties and the governments of till now have established so many institutions such as CBI, Anti-Corruption Branch/Offices/Squads, Intelligence Agencies, Courts/High Courts and Supreme Courtwhich by hanging the small fish only—–such as low level staff/officer, trader—–consider that their duty ends here and use to hog the headlines of media and news papers. The media world of our country is indulged in similar hypocrisy, skulduggery and high profile hype on fake solutions of the most complicated, intricate and deep rooted problem like corruption which has badly infected the arteries and veins of almost, barring few exceptions, all the organs/units/parts of our BHAARATEEY Establishment and BHAARATEEY society, particularly the gratest intractable bugbear being in political sphere. But for the big fishes, it is not only that these institutions do not touch them even remotely but also cover up their corruption/loot/crime/sins by being their safety net/gauntlet and thus these institutions protect the big fishes instead of bringing them to book. In name of the struggle against corruption, people like Annaa Hazaare along with his bandwagon carried out large movements, hogged the news paper headlines, one fragment of the said bandwagon is now running a government, lofty and lengthy talks were made on Jan Lokpal, but how political corruption is to be ended, not even a least was talked of, only hypocrisy/skulduggery/hollow slogans were resorted to.

      Political corruption cann’t be ended till it is ensured with complete firmness that investing even a single paisa in elections is absolutely and totally impossible and even an iota of indulgence of such activity, if found true, can eat up and completely devour both the membership, if he was victorious candidate in elections, and the recognition of his political party, if any. Under this completly govt. funded arrangement, NOT A SINGLE PAISAA is to be invested either by a candidate or by his/her party and the complete expense of each of the lawful activity of such an arramgement is to be born by the govt. If during elections, even a single paisa is found as invested either by a candidate or by his/her party, the candidature of the candidate during elections, his membership, if won in elections and the recognitition of his/her political party, if any—all will stand cancelled and his/her candidature for future electios will stand invalid. This very arrangement of elections, completely govt. funded for lawful activities, is generically termed as “STATE FUNDING”. ‘BHAARATEEY AWAAN TAAQAT DAL’ is in favour of doing away the rally business, a considerable source of corruption, and in its place, a limited/govt. funded rally.

 Question of possibility will be raised by only those political parties/forces which have maintained success and continued to win elections : 1. through DHAN_BAL (money power) and BAAHU BAL (muscle power), 2. by fanning/exploiting the casteist / communal / linguistic /provincial/ regional/ group etc. sentiments, 3. by creating differences /discriminations/ fissures and further tension / animosity /poison /violence /sabotage in BHAARATEEY society through their such activities and it is their inherent/visceral motive to continue the same unabatedly. Such political parties and forces while in power or otherwise, by misusing each and every institution in our country to fulfil their vested interests, have made these institutions, barring few exceptions, like themselves—-liar/manipulator, applying law/rules only after seeing the face and indulged in political/social/positional snobbery.

      This also cann’t be denied that it is absolutely beyond the purview of their wisdom and stretch of imagination that this (“STATE FUNDING” in its true and rightful form) can be made possible. But ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ wants to assure with full confidence to our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) that this can be made possible without any hassle only by a patriotic and RAASHTRABHAKT (having allegiance to the nation) party in power. Essentially what it (patriotic and RAASHTRABHAKT (having allegiance to the nation) party in power) has to do is to eliminate those handful of elements in Establishment/machinery, after identifying them honestly, who resort to lie after lie, are manipulator, apply law/rules only after seeing the face, indulge in political/social/positional snobbery and who is deeply indulged in self-aggrandisement through all their these tactics/tricks. The unequivocal view of ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’, in this respect, is that in removing them NO RELAXATION OR MERCY should be shown towards these handful elements i.e. there should be no hesitation in stopping the pension, sending them into jail, deporting them out of contry’s territory, closing their all financial sources/resources and bank accounts etc. along with their removal/dismissal from service, if the circumstances warrant so and no relaxation be given in this regard. Because of the presence of these handful elements only, the whole System/Establishment /Machinery has been made to behave contrary to its desired/expected/defined objectives. Only and only ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ can do this because it is purely a patriotic organisation which has been formed on the basis of inspiration from the sacrifices and martyrdom of immortal martyers and legends of patriotism like RAASHTRA BHAKT SHIROMANI (torch bearer legend of patriotism) NETAA JEE SUBHAASH CHANDRA BOSE, SHAHEEDE AAZAM( Chief of martyres) BHAGAT SINGH etc. Commencing the ending of corruption from political sphere, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ will root out it from the very soil of BHAARAT in the way our great and original inspirator of BHAARATEEY RAASHTRAWAAD (Indian Nationalism) Sarv Shree CHAANAKYA (KAUTILYA) Jee had uprooted KUSH along with its roots.

  1. सभी संवैधानिक पदों (राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, राज्यपालों, भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोक सभा अध्यक्ष/उपाध्यक्षों/पीठासीन अधिकारियों व अन्य सदनों के अध्यक्षों/उपाध्यक्षों/पीठासीन अधिकारियों, मंत्रियों, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों/न्यायाधीशों आदि), सांसदों/विधायकों, सेना के प्रमुखों व उनके अधिकारियों, केंद्र/राज्य सरकारों व उनके( केंद्र व राज्यों, दोनोँ के) निगमों के अधिकारियों/ कर्मचारियों तथा छोटे-मझौले-बड़े उद्योग/व्यापार/धन्धों के मालिकों, छोटे-बड़े व्यवसायों के संचालकों/मालिकों आदि की ज्ञात आय वनाम निजी सम्पत्ति वृद्धि (D A—Disproportionate Asset) के वसूल पर आधारित ईमानदार-सच्ची वार्षिक रिपोर्ट बनवाकर और उसी रिपोर्ट के आधार पर जाँच एवम् विधिवत/निष्पक्ष/न्यायपूर्ण कार्यवाई, जहाँ भी आवश्यक हो, कराके सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार मुक्त शुचिता लाने के बारे में ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ स्पष्ट एवम दृढ़ है ।
  2. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is clear and firm about bringing out corruption free probity in public life through Annual honest, true D A—Disproportionate Asset Report of the people on Constitutional positions such as the President, Vice President, Prime Minister, Governers, Chief Justice of India, Speaker/Dy Speakers/Presiding Officers (Lok Sabhaa) and the Chairpersons/Dy Chairpersons/Presiding Officers of various Houses and Legislatures, Ministers, Supreme Court Justices, High Court Chief Justices and High Court Justices etc. ; the people who take oath of allegiance to Nation BHAARAT and its Constitution such as MPs/MLAs, Sevice Chiefs of all three wings of Indian Forces and all its other officers, all the officials/officers of Central and State governments and their (of both) PSUs and proprietors/leaders of small/medium/large busuness/commerce/industry, proprietors/conductors of small-large professions etc and through impartial/just/suitable investigation and action, wherever necessary, based on the reports on the principle of “KNOWN SOURCES OF INCOME vs PRIVATE ASSET INCREASE” i.e. “ DISPROPORTIONATE ASSETS” or “DA”.
  3. सांसद/विधायक निधि एवं पंचायतों को धन आवन्टन बहुत बड़े भ्रष्टाचार का स्रोत है । भ्रष्टाचार की समूल समाप्ति में इसकी समाप्ति को ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अनिवार्य मानता है । सांसद/विधायक/पंचायत को विकास की योजनाएँ बनाकर क्रियान्वनयन हेतु सरकारी संस्थानों (स्थानीय/प्रान्तीय/केंद्रीय) के पास भेजना होगा जो स्थानीय जरूरतों/संवेदनशीलता/न्याय के आधार पर इन योजनाओं को अंज़ाम देंगे ।
  4. MP LAD (local area development) and MLA LAD funds and funds allocated to Panchaayats are the great sources of corruption. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ considers the ending of this corruption is inevitable to ending of corruption with its roots. MPs, MLAs, Panchayats are required to prepare projects for the development of their respective areas and send them to local/provincial/Central offices/institutions concerned which will execute them on the basis of local needs/priority/sensitivity/justice.
  5. ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ का मानना है कि जनसंख्या विस्फोट भारत देश के लिए एक बहुत बड़ा सिरदर्द व बहुत बड़ी समस्या है जिसका समाधान यदि तुरंत नहीं ढूंढा गया तो अपना यह देश भारत बहुत बड़े संकट/भँवर में फंस जाएगा जिसके बाहर आना बहुत मुश्किल हो जाएगा क्योंकि तब हर एक को रोजगार/शिक्षा/स्वास्थ्य व एक नागरिक के रूप में इज़्ज़त की ज़िंदगी देने की बात तो दूर की कौड़ी, लोगों को रहने के लिए ज़मीन/पानी/हवा भी देना मुश्किल हो जाएगा—सुख तो दिवा स्वप्न बनकर रह जाएगालगभग सभी राजनैतिक दल इस समस्या पर उदासीन दीखते हैं कुछ राजनैतिक दलों को तो इस जनसंख्या विस्फोट में ही अपना राजनीतिक स्वार्थ सधता हुआ दिखाई देता है चीन का क्षेत्रफल भारत के क्षेत्रफल का ढाई गुना और हम चीन के बराबर की आबादी छूने जा रहे हैं संयुक्त राज्य अमेरिका का क्षेत्रफल भारत के क्षेत्रफल के 3 गुने से भी अधिक है तथा वहाँ की आबादी मात्र 30 करोड़ है—तो सुख अमेरिका के लोगों के पास होगा या हमारे यहाँ के लोगों के पास ?!!!  इस समस्या का सबसे दुखद पहलू यह है कि इसे हिन्दू-मुस्लिम के दृष्टिकोड़ से देखने व बहस करने व तर्क गढ़ने की कुछ स्वार्थी तत्वों की आदत सी हो गयी है जिससे इसके व्यवहारिक एवम स्थायी समाधान निकालने में बड़ी दिक्कत सी आ रही है । ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ का स्पष्ट मत है कि इस समस्या को राष्ट्रीय दृष्टिकोड़ से देखते हुये एक तात्कालिक व दूसरी दीर्घ कालिक योजना के रूप में समाधान निकालकर उसे लोगों को विश्वास में लिया जाय और इसके अमल में सभी को शामिल करके पूरी दृढ़ता व ईमानदारी से इसे अंज़ाम दिया जाय फ़िर इसके बाद भी यदि कुछ शरारती तत्व अपने धर्म इत्यादि की आड़ लेकर इस भीषण एवम असह्य सिरदर्द (अपने राष्ट्र भारत को) देने वाली समस्या के सर्वमान्य समाधान मे सहयोग न करने की ज़िद पर अड़े रहते हैं तो शासन/प्रशासन को ऐसे तत्वों के साथ देश हित में सख़्ती से पेश आना होगा ।
  6. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is of the view that “POPULATION EXPLOSION” is a source of immense headache for BHAARAT and its very big problem. If its solution is not sought in time, the likelihood that our country may be in a great soup or whirlpool the return from where may be very difficult cann’t be ruled out. Because then, not only providing health and education facilities, employment and other basic minimum needs as a citizenry honour to each and every BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) will be a distant thing or a pipe dream, but providing land/water/air to them will also be difficulthappiness will be rendered as a day-dream. Almost all the political parties seem and seen apthetic/indifferent to this problem. Few of the political parties see this situation (caused by “POPULATION EXPLOSION”) as something being fructified as their vested political motive. China’s area is about two and half times that of our country BHAARAT and in matters of population we are going to touch to that of China. The area of United states of America is more than three and half times of that of India and the population of India is 130/137 crores and that of America is only about 30 crores —-a natural question arises—-where the happiness will be—–in India or in America? ! ! !. The most tragic aspect of the problem is that few selfish elements have formed their habit of invariably and indispensably applying the attitude of Hindoo-Muslimis while looking at the problem, of such a crucial nature as explained, discussing on it and manufacturing the argument thereof. Consequently, a lot of difficulties is being encountered in finding its practical and lasting solution. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is, in this respect, of a clear view that by looking at the problem with the national angle only, BHAARATEEY AWAAM should be taken into confidence after chalking out its short term and long term solutions and these solutions should be executed with total impartiality, honesty and resolutely involving our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN). After this, even some mischievous elements exhibit adamancy in not co-operating in the implementatation of all acceptable solution of this ferocious and the most excruciating headache (to our Nation BHAARAT) like problem using the pretext of religion, governance/administration will have to deal with, in the national interest, such elements sternly.
  7. सांसद/विधायकों की पूरी पेंशन 20 लगातार वर्षों की सेवा पश्चात ही लागू करने का ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ का प्रस्ताव है । 5 लगातार वर्ष( अर्थात, कई टुकड़ों को जोड़ करके नहीं) पूर्व या लोक सभा/विधान सभा भंग पूर्व अवधि पर कोई पेंशन मान्य नहीं । 05 लगातार वर्ष या उससे अधिक (20 लगातार वर्ष से कम) अवधि या लोक सभा/विधान सभा भंग उपरान्त, जिसे 05 वर्ष माना जायगा, पर समानुपातिक( Pro-rata) पेंशन लागू होगी । इसी आधार पर मिल रहे सांसद/विधायकों की पेंशन की भी समीक्षा होगी।
  8. Full pension of MPs/MLAs only afte their 20 years of continuous service is the proposal of ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’. Service less than 05 continuous years (not by adding pieces of years) and prior to dissolution of Lok Sabhaa/Assembly will entitle MPs/MLAs no pension. For the 05 continuous years of service or more or after dissolution of Lok Sabhaa/Widhaan Sabhaa the service period of which will be considered 05 years, the pension will be pro-rata with respect to the full pension for 20 years of continuous service.
  9. वृद्ध/वृद्धा व विधवा पेंशन या इसी तरह की और जन कल्याणकारी योजनाओं को और कारगर/न्यायपूर्ण बनाया जाएगा ।
  10. Old age pension, Widow pension and other similar public welfare schemes will be made more effective and just.
  11. एक विशेष समूह/दल स्थायी तौर पर बनाकर विदेशों से कालाधान लाया जाएगा । कालाधान लाने से ज़्यादे महत्वपूर्ण यह है कि काले धन के उन खातेदारों के नाम उजागर किये जाय, भारतीय अवाम (भारतीय भाइ-बहन) के समक्ष उन्हें बे-नक़ाब किया जाय । क्योंकि यही अपने देश भारत को लूटने वाले एवम काले धन के ख़ातेदार मासूम आम व ग़रीब भारतीय अवाम (भारतीय भाइ-बहन) के समक्ष अपने को मसीहा के रूप में पेश करते हैं । इन्हीं मासूम आम व ग़रीब भारतीय अवाम (भारतीय भाइ-बहन) के अमूल्य वोट के बूते सत्तानशीं होकर देश को लूटते हैं । इसके बाद काला धन-सत्ता-लूट-काला धन के चक्र, जिसे आज विगत 60-70 सालों से क़ायम किए हुये हैं—को आगे बढ़ाते हैं । ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ इस सम्बन्ध में अपनी भारतीय अवाम को बताना चाहता है कि दल इसकी शुरुआत बड़ी मछली से ही करेगा ।
  12. Black money will be brought back to the country forming a special group/body on permanent basis. It is more important, than bringing back black money, to disclose the names of black money account holders and expose them by making the names public before our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) as these looters (of our country BHAARAT) and black money account holders present themselves before our innocent common and poor BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) as their Messiah. On the basis of invaluable votes of our innocent common and poor BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) they grab the power and loot this country ruthlessly. Thereafter, they drive their cycle of loot-black money-power-loot-black money, which they have continued unabatedly for the last 60-70 years, further. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’, in this respect, wants to tell our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) that it will start from ‘BIG FISH’ only.
  13. काला धन के विषय में ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ का साफ़ मत यह है कि उसे विदेशों से लाकर जो कार्य सबसे पहले करना है वह है अपने देश भारत की रक्षा/सैन्य व्यवस्था को आधुनिकतम एवं चीन/अमेरिका से भी बेहतर बनाना, रक्षा अनुसंधान को विश्व का आधुनिकतम एवं सबसे शक्तिशाली बनाना, अपने ही देश में रक्षा के अधिक से अधिक हथियार/उपकरण/औज़ार बनाना ताकि देश के दुश्मन (चीन,पाकिस्तान आदि) अपने देश की ओर नज़र उठाने की हिम्मत/ज़ुर्रत न कर सकें और अपने मुल्क़ की विश्वीय हैसियत/प्रतिष्ठा/दबदबा (अमेरिका/चीन/यूरोप की चौधिराहट को तोड़ने वाला) अमेरिका/चीन के टक्कर का हो जाय । इसी विश्वीय हैसियत/प्रतिष्ठा/दबदबे के साथ विश्व मानवता की सेवा का दायित्व अपना देश भारत निभाए ।
  14. On the subject of Black Money, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ has clear view that the first work to be done after bringing black money back to our country is to make the defence/force system most modern far better than even America and China, make Defence Research Organisation the world’s most modern and powerful, indigenisation of more and more production of defence arms-amunitions (weapons)/ instruments/tools so that country’s enemies (china, Pakistan etc.) cann’t dare and muster the courage to have their evil eye on our country and the global position/prestige/dominance (capable to take on the hegemony of America/China/Europe) of our country become at par with those of America/China. BHAARAT should discharge the responsibility of serving global human race on the basis of its exalted global position/prestige/dominance.
  15. ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ का मानना है कि राष्ट्रभक्त शिरोमणि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, शहीदे आज़म भगत सिंह, अमर शहीदों चन्द्र शेखर आज़ाद, अशफ़ाक़ुल्लाह, खुदी राम बोस, सुब्रमण्यम भारती, रानी गैडेल्यू आदि ने अपने मुल्क़ भारत की आज़ादी की ख़ातिर अपने प्राण सहित अपना सर्वस्व इस देश पर न्यौछावर कर दियाइन्हीं अमर शहीदों की शहादत एवम क़ुर्बानी को यदि एक पल के लिए अपने हृदय में लाएँ तो दो बातों के लिए ज़ज़्बा स्वतः आयेगाप्रथमतः, हमारे भारतीय भाई-बहनों में परम/सूक्ष्म(Absolute) एकता अर्थात, इस तथ्य/ज़ज़्बे का एहसास कि इस भारत मिट्टी के जो भी संतान हैं वे सभी जाति/सम्प्रदाय/धर्म/भाषा/प्रान्त/क्षेत्र/समूह आदि की कोई भी विशेषता लगाए बग़ैर परम एवम सूक्ष्म रूप में एक ही हैं एवम् बराबर हैं—का भाव आयेगा द्वितीय, हमारा मुल्क़ भारत ही अपना वास्तविक वज़ूद है, हमारा सबसे बड़ा ईमान एवम धर्म है, हमारी सभी सर्वोच्च मान्यताओं जैसे रामायण, गीता, क़ुरान, बाइबिल आदि—-; अल्लाह, ईश्वर, गॉड आदि—से परे है तथा उससे भी ऊंचा है । लेकिन इसके साथ यह भी स्पष्ट करना आवश्यक है कि जब भी हम अल्फ़ाज़ ‘मुल्क़ भारत’ का इस्तेमाल करते हैं तो ‘भारत’ लब्ज़ में भारत के ईंट-पत्थर-सड़क-भवन-नदी-जंगल-पहाड़ आदि ही नहीं हैं बल्कि उसमें भारत के 130 करोड़ लोग (भारतीय भाई-बहन) सर्वोपरि हैं एवम ‘भारत’ अल्फ़ाज़ के मायने में सबसे पहले आते हैं । इन्हीं के आधार पर भारतीय आवाम ताक़त दल स्पष्ट करना चाहेगा कि अपने मुल्क़ भारत के बराबर एवम उससे ऊपर कोई भी नहीं, कुछ भी नहीं ।

जब हम इस ज़ज़्बे को अपने हृदय में लायेँ कि “ अपना मुल्क भारत ही हमारा वास्तविक वज़ूद है, हमारा सबसे बड़ा ईमान एवम धर्म है, हमारी सभी सर्वोच्च मान्यताओं जैसे रामायण, गीता, क़ुरान, बाइबिल आदि—; अल्लाह, ईश्वर, गॉड आदि—से परे है और उससे भी ऊँचा है ” तो भारत मुल्क़ के टुकड़े करने वाले नारों को लगवाने वाले कन्हैया कुमार जैसे देश के गद्दारों एवम कन्हैया कुमार के साथ खड़े राजनेताओं व उनके संगठनों के प्रति प्रतिक्रिया स्वरूप यह भाव स्वतः आयेगा कि कन्हैया कुमार को तथा उसके साथ खड़े राजनेताओं व उनके संगठनों/दलों को उससे भी अधिक टुकड़े-टुकड़े करके भारत के बाहर चीन आदि देशों में भेज दिये जाँय । उन्हीं दलों में से एक दल के कार्यकर्ता 2017 के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के ठीक पहले उरी में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजली देने हेतु एकत्र हुए थे । अपने शीर्ष नेता की ही मौज़ूदगी में पाकिस्तान ज़िन्दाबाद के नारे लगाए गए, लगवाये गए । वही दल 2017 के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में सत्ता वापसी की जी तोड़ कोशिश कर रहा था । ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अपने भारतीय अवाम अर्थात, अपने भारतीय भाई-बहनों से विनम्र अर्ज़ करता है कि कन्हैया कुमार जैसे गद्दारों का साथ देने वाले अमुक दल के शीर्ष राजनेता तथा उनके कार्यकर्ताओ द्वारा अपने उसी शीर्ष नेता की मौज़ूदगी में पाकिस्तान ज़िन्दाबाद के नारे लगवाने वाले उस दल एवम उस शीर्ष नेता को अच्छी तरह पहचान लें, समझ लें । ऐसे दल को वोट देना तो दूर की कौड़ी, वह किस तरह के सलूक़ की पात्रता रखता है तथा उनके साथ क्या सलूक होना चाहिए——यह आप तय करें ।

  1. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ maintains that Raashtrabhakt Shiromani (the torch bearer legend of patriots) Netaa Jee Subhaash Chandra Bose, Shaheede AAzam(Chief of Martyres) Bhagat Singh, immortal martyres like Chandra Shekhar Aazaad, Ashfaaq-ul-laah, Khudeeraam Bose, Subramanyam Bhaaratee, Raanee Gaidelyoo etc. (sacrificed)offered all including their lives at the altar of Motherland BHAARAT.to liberate our country BHAARAT from the English subjugatioin. If we bring spirit pertaining to their sacrifices and martyrdom into our hearts for a moment, a spirit for two things will automatically evolve 1. There is absolute unity among our Bhaarateey Bhaai-Bahan i.e. a realisation of the spirit among ourselves that whosoever are the offspring of this sacred soil BHAARAT, they all are absolutely ONE and equal irrespective of their caste, creed, religion, language, region, group etc.. 2. Our country BHAARAT only is our real existence, ours greatest IMAAN (integrity) and DHARM (religion/duty), beyond and higher than our highest MAANYATAA (Suoreme source of inspiration, values and strenghth) such as RAAMAAYAN, GEETAA, QURAAN, BIBLE etc.——ALLAH, EESHWAR, GOD etc. Along with this, it is essential to clarify that whenever we use the word ‘BHAARAT’, it is to be understood that the word ‘BHAARAT’ comprises NOT ONLY its bricks, stones, roads, buildings, rivers, forests, mountains, judicial/govt./administrative/educational/technical institutions, industrial/commercial installations, cultural monuments/heritages etc., BUT its (of BHAARAT) 130/137 CRORE PEOPLE who come FIRST in the meaning of word ‘BHAARAT’. On the basis of this, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ will wish to clarify that NONE IS EQUAL AND ABOVE OUR NATION BHAARAT.

      Whenever we bring the feeling in our hearts that, “our country BHAARAT only is our real existence, ours greatest IMAAN (integrity) and DHARM (religion/duty), beyond and higher than our highest MAANYATAA (Supreme source of inspiration, values and strenghth) such as RAAMAAYAN, GEETAA, QURAAN, BIBLE etc.——ALLAH, EESHWAR, GOD etc.”, an outrageous and spontaneous reaction will automatically spring in our hearts towards traitor crook Kanhaiyaa Kumaar, who spearheaded the slogans for fragmenting India, and the leaders and their political parties/organisations who demonstrated solidarity with the said traitor crook, that after making even more pieces of them and their political parties/organisations than what the infamous slogan, spearheaded by the traitor crook Kanhaiyaa Kumaar, meant for our BHAARAT, must be sent to the countries like China etc. outside BHAARAT. The workers of one of such political parties gathered to offer the homage to our martyre security personnel of Uri chanted “PAKISTAN ZINDAABAAD” slogans in the very presence of their top leader himself. That political party was making desperate bid for come back to power in 2017 UP Assembly elections. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is making an humble request, in this regard, to our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) that they should well identify and understand that top leader, of the said political party, who demonstrated solidarity with traitor crook Kanhaiyaa Kumaar and in whose very presence his workers chanted “PAKISTAN ZINDAABAAD” slogans. To vote such a political party or its said top leader being a distant thing, what treatment it deserves and should be to be met out, you people i.e. our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) should decide.

  1. कुछ लोग भारतीयता, राष्ट्रभक्ति जैसी पवित्र राष्ट्रीय अवधारणाओं को प्रदूषित करने के इरादे से यह प्रचारित करते फिरते हैं किभारतीयता कुछ और नहीं बल्कि हिन्दुत्व की ही पर्यायवाची है अर्थात, जो हिन्दुत्व है वह भारतीयता ही तो है” । इस तरह के लोगों/तत्वों/प्रमुख संगठनों की प्रभावशाली हस्तियों द्वारा यह भी प्रचारित/प्रसारित किया जा रहा है कि “हिन्दुत्व कोई धर्म नहीं अपितु एक जीवन शैली है” । इस सम्बन्ध में ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ का स्पष्ट मानना है कि इस तरह के लोगों/तत्वों/प्रमुख संगठनों की प्रभावशाली हस्तियों द्वारा इस तरह के प्रचार/प्रसार/भ्रम फैलाने से हिन्दू के अलावा अन्य धर्मावलम्बी भारतीय भाई-बहनों में भ्रम/दशत/फैलने के खतरे के साथ भारतीयता एवम राष्ट्रभक्ति की असल एवम पाक़ अवधारणा को भारी नुकसान पहुंचने का भी खतरा है । इस नुकसान से बड़ा नुकसान यह है कि इस तरह के लोगों/तत्वों/प्रमुख संगठनों की प्रभावशाली हस्तियों द्वारा पूर्व वर्णित इन्हीं गतिविधियों( यह प्रचारित/प्रसारित करना, “ भारतीयता तो कुछ और नहीं बल्कि हिन्दुत्व की की ही पर्यायवाची है या जो हिन्दुत्व है वही भारतीयता है ”, “ हिन्दुत्व कोई धर्म नहीं अपितु एक जीवन शैली है ”) के ही कारण कन्हैया कुमार जैसे देश के गद्दारों एवम् उसके साथ खड़े उसी की तरह ग़द्दार राजनेताओं व उनके दलों/संगठनों एवम् मीडिया तथा बौद्धिक वर्ग को अपनी गद्दारी की करतूत को छिपाने का उपकरण मिल जाता है । क्योंकि इस तरह के भ्रम/दहशत के माहौल में हमारे इस्लाम धर्मावलम्बी भारतीय भाई- बहनों के ख़िलाफ़ अपने भारत मुल्क के प्रति वफ़ादारी न करने व बदले में पाकिस्तान के प्रति वफ़ादारी करने के आरोप से रंजीत माहौल खड़ा किया गया है और जिसका इस्तेमाल कन्हैया कुमार एवम उसके साथ खड़े देश के अन्य गद्दारों एवम उनके कुकृत्यों की ओर से लोगों का ध्यान हटाने में किया जाता है——-‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अपने भारतीय भाई-बहनों के समक्ष इस गुत्थी के शातिराना पहलू को प्रकाश में लाने के आश्वासन देता है एवम उसे सही परिप्रेक्ष्य में समझने का अनुरोध भी करता है ।
  2. Some people with intent to pollute “BHAARATEEYATAA”, “RAASHTRABHAKTI” like sacred concepts propagate that “BHAARATEEYATAA is nothing but the very synonym of HINDUTWA”. That is, “what the “HINDUTW” is the very BHAARATEEYATAA only”. The people/elements/influential personalities of renowned organizations like this are also propagatingHINDUTWA IS NOT A RELIGION BUT A WAY OF LIFE”. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’, in this respect, clearly maintains that with the propagation/proliferation/disinformation campaign driven by the people/elements/influential personalities of renowned organizations, there is a danger of spread of confusion/terror in sections of our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) other than those of Hindoo faith along with the danger of considerable damage to the actual and sacred concepts of “BHAARATEEYATAA” and “RAASHTRABHAKTI (allegiance to the nation)” also. A damage bigger than this (damage) is that on account of the atmosphere created by afore said activities {spreading/propagating/driving the campaign of disinformation “BHAARATEEYATAA is nothing but the very synonym of HINDUTWA——-what the HINDUTW is very BHAARATEEYATAA only—-HINDUTWA IS NOT A RELIGION BUT A WAY OF LIFE” etc.} only of the people/elements/influential personalities of renowned organizations, the people like traitor crook Kanhaiyaa Kumaar and other similar political/organizational leaders, intelligentsia/media clique/denizen who stood by with him —get the tool to hide and shield their own acts of treason. In our Nation BHAARAT, an atmosphere of suspicion tainted with allegation of NOT FAIHTFUL TO THIS NATION (BHAARAT) BUT TO PAKISTAN INSTEAD against our Islaam Dharmaawalmbee (Islamic faith followers) BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) has deliberately been created which is exploited by the people like traitor crook Kanhaiyaa Kumaar [and the people of similar political/organizational leaders and intelligentsia/media clique/denizen who stood by with traitor crook Kanhaiyaa Kumaar ] who succeed in diverting the attention of our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) from their own acts of treason towards our Islaam Dharmaawalmbee (Islamic faith followers) BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) and in hiding and shielding the same (their own acts of treason) because of such a disinformation/terror ridden atmosphere on account of the activities {spreading/propagating/driving the campaign of disinformation “BHAARATEEYATAA is nothing but the very synonym of HINDUTWA——-what the HINDUTW is BHAARATEEYATAA only—-HINDUTWA IS NOT A RELIGION BUT A WAY OF LIFE” etc.} only. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ assures our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) to bring out in light the shenanigan part of this tangle before them and also requests them to look it at the tangle in correct perspective.
  3. हमारे देश भारत में सिर्फ कुछ तत्वों द्वारा ही नहीं बल्कि प्रमुख संगठनों के मुखिया/प्रभावशाली हस्तियों द्वारा भी ‘हिन्दू राष्ट्र’ की बात/भ्रम किये जाने व फैलाये जाने के सम्बन्ध में ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ स्थिति स्पष्ट करना अपना फ़र्ज़ समझता है ।

हमारा देश भारत भारतीय संविधान द्वारा निर्देशित/संचालित/नियंत्रित देश है । इसीलिए इसे “भारतीय गणतन्त्र” कहते हैं । अतः उन तत्वों, संगठनों, या संगठनों के प्रमुखों व उनकी प्रभावशाली हस्तियों द्वारा कभी न सम्भव होने वाला मसला/अवधारणा “ भारत एक हिन्दू राष्ट्र है या/और भारत को हिन्दू राष्ट्र बनायेंगे ” को जान-बूझ कर कहते/प्रचारित करते हुए इस्लाम धर्मावलम्बी भारतीय भाई-बहनों के साथ-साथ इन्हीं सरीखे सिक्ख धर्मावलम्बी भारतीय भाई-बहनों आदि अन्य धर्मास्था वाले भारतीय भाई-बहनों में भ्रम/दहशत फैलाया जाता है व उसे बढ़ावा दिया जाता है । नतीज़न, इस ज़ज़्बे कि “ अपना मुल्क़ भारत ही हमारा वास्तविक वज़ूद है, हमारा सबसे बड़ा ईमान एवम धर्म है । हमारी सभी सर्वोच्च मान्यताओं जैसे रामायण, गीता, क़ुरान, बाइबिल—आदि; अल्लाह, ईश्वर, गॉड आदि—से परे है और उससे भी ऊँचा है ” तथा इसी ज़ज़्बे में यह जानने के बाद कि, “ कन्हैया कुमार अपने साथियों के साथ ‘ भारत तेरे टुकड़े होंगे इन्सा अल्लाह-इन्सा अल्लाह ’ व ‘ भारत की बर्बादी तक जंग जारी रहेगी ’ के नारे लगवाता है तथा कुछ प्रमुख राजनेता उसके साथ खड़े होते हैं ” की इस स्वाभाविक प्रतिक्रिया “ भारत मुल्क के टुकड़े करने वाले नारों को लगवाने वाले कन्हैया कुमार जैसे देश के गद्दारों तथा उनके साथ खड़े कुछ प्रमुख दलों के नेताओं व उनके संगठनों को  उससे भी अधिक टुकड़े-टुकड़े करके भारत के बाहर चीन आदि देशों में भेज दिये जाँय ” को, अर्थात दोनो (उपरोक्त ज़ज़्बा एवम प्रतिक्रिया) को हमारे भारतीय भाई-बहनों के इसी तबक़े में कम/निष्प्रभावी बनाने  की साज़िश का मौक़ा मिलता है और उपरोक्त गद्दारों को अपनी गद्दारी के कुकृत्यों को ढँकने के लिए ही एक मुद्दा/उपकरण थमा दिया जाता है । इससे संबन्धित तथ्य को ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अपने भारतीय अवाम को बताना चाहता है कि “ भारत एक हिन्दू राष्ट्र है- – -और/या भारत को हिन्दू राष्ट्र बनायेंगे- – -” की बात/अवधारणा के पोषक तत्व, संगठन व उसकी प्रमुख हस्तियाँ कन्हैया कुमार आदि की तरह देश द्रोही व गद्दार ही नहीं अपितु इनसे उनकी मिली भगत है । अतः अपने मुल्क़ भारत के वज़ूद एवम स्थायित्व की ख़ातिर यह निहायत आवश्यक है कि “ भारत एक हिन्दू राष्ट्र है- – -और/या इसे हिन्दू राष्ट्र बनायेंगे- – -” जैसी सोंच/अवधारणा/प्रचार को अविलम्ब कुचलकर सदा-सदा के लिए समूल नष्ट कर दिया जाय- – -‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ शुद्धतः स्पष्ट है ।

  1. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ considers its duty to clear the position vis-à-vis the talk/confusion of ‘HINDOO RAASHTRA’ in our country BHAARAT NOT ONLY by certain elements BUT ALSO by the influential/chief leaders of main stream organizations.

      Our country BHAARAT is directed/conducted/controlled by the BHAARATEEY Constitution. That is why it is called “BHAARATEEY GANATANTRA (Indian Republic)”. Therefore, through deliberately talking/propagating of never possible matter/concept of “BHAARAT is a Hindoo RAASHTRA (Hindoo Nation)——we will make BHAARAT a Hindoo RAASHTRA (Hindoo Nation)” etc. by above said elements, chief/influential personalities of renowned organizations, misinformation/confusion/terror among our Islaam Dharmaawalmbee (Islamic faith followers) BHAARATEEY BHAAI-BAHAN along with Sikkh Dharmaawalmbee (Sikkh faith followers) BHAARATEEY BHAAI-BAHAN and other similar Dharmaawalmbee (other similar faith followers) BHAARATEEY BHAAI-BAHAN is spread/propagated and is fanned/whipped up. Consequently, an opportunity is exploited to hatch a conspiracy to make the passion “our country BHAARAT only is our real existence, ours greatest IMAAN (integrity) and DHARM (religion/duty), beyond and higher than our highest MAANYATAA (Supreme source of inspiration, values and strenghth) such as RAAMAAYAN, GEETAA, QURAAN, BIBLE etc.——ALLAH, EESHWAR, GOD etc.”, in the same passion after knowing, “ Kanhaiyaa Kumaar arranges the slogans of making BHAARAT into pieces and some renowned leaders of mainstream political parties/ organizations demonstrate solidarity with him” and its resultant spontaneous reaction “Kanhaiyaa Kumaar who arranges the slogans of making BHAARAT into pieces and the leaders, with their parties/organizations who demonstrate solidarity with him—all must be made into even more pieces and sent to China etc. out of territory of BHAARAT” ,—the afore said passion and the reaction, both in our same very section {our Islaam Dharmaawalmbee BHAARATEEY BHAAI-BAHAN along with Sikkh Dharmaawalmbee BHAARATEEY BHAAI-BAHAN and other similar Dharmaawalmbee BHAARATEEY BHAAI-BAHAN} less effective or ineffective AND ALSO an issue/tool is handed over in the hands of afore said traitors to hide and shield their own acts of treason. ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’, in this respect, wants to tell our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) that the elements/influential and chief leaders of main stream organizations who foster the matter/concept “BHAARAT is a Hindoo RAASHTRA (Hindoo Nation)——we will make BHAARAT a Hindoo RAASHTRA (Hindoo Nation)” etc. are NOT ONLY TRAITOR like crook traitor Kanhaiyaa Kumaar and similar others BUT ALSO there is a nexus  between these two groups. Therefore, for the existence and stability of our Nation BHAARAT, it is crucially essential, ‘BHAARATEEY AWAAM TAAQAT DAL’ is explicitly clear, that the matter/concept of “BHAARAT is a Hindoo RAASHTRA (Hindoo Nation)——we will make BHAARAT a Hindoo RAASHTRA (Hindoo Nation)” etc. and its propagation must immediately be crushed and exterminated along with its roots.

  1. हमारा सामुहिक धर्म हिन्दू/हिदुत्व, इस्लाम, सिक्ख- – -इत्यादि नहीं हैये तो महज़ तथाकथित (धार्मिक/ महज़बी) आस्थाए हैं जो शुद्धतः व्यक्तिगत हैं जिस पर दूसरे या दूसरे धर्मास्था वाले को टीका-टिपपड़ी/व्यंग/कटाक्ष/आहत/नीचा दिखाने आदि का बिलकुल अधिकार नहीं है । हमारा सामुहिक धर्म यानी सामुहिक फ़र्ज़ तो सिर्फ राष्ट्र धर्म यानी फ़र्ज़े-मुल्क़ अर्थात अपने देश एवम देशवासियों (भारतीय भाई-बहनों) के ही विषय में चिंतन करना है ।
  2. Hindoo/Hindutwa, Islam, Sikkh——–etc. are not our COLLECTIVE religion. These are merely so called religious convictions which are purely PERSONAL on which no other person nor any other faith holder has any right to any of the acts—comment, derision, casting sarcasm/satire, hurt sentimentally, demean etc.. Our COLLECTIVE religion or COLLECTIVE duty is RAASHTRA DHARM (duty to the nation) i.e. Farze-Mulq, that is, to have concern about only our fellow countrymen and Nation BHAARAT.
  3. ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ की नज़र में ख़ासे अहमियत रखने वाला कार्य/योजना यह है कि हमारे देश भारत की अवाम में भारतीयता आधारित एकता, भाई-चारा, आपसी सम्मान, आपसी सहयोग, आपसी सद्भाव, एख़लाक़-मोहब्बत, शांति- – -सब कुछ भारतीयता आधारित स्थापित कर उसे व्यवहार/आचरण में लाने को सुनिश्चित करना । ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ अपने देश भारत में अपने भारतीय भाई-बहनों के बीच उपरोक्त किस्म का माहौल लाकर उनके चेहरे पर मुस्कुराहट लाना चाहता है । क्योंकि ‘भारतीय अवाम ताक़त दल’ का महान कवि एवम प्रभु श्री राम जी के अनन्य भक्त श्री गोस्वामी तुलसी दास जी की इस चौपाई, “जहां सुमति तंह सम्पति नाना, जहाँ कुमति तंह विपति निधाना ” के संदेश में पूरा यक़ीन है कि अपने देश में विकास/समृद्धि मात्र से ही अपने भारतीय भाई-बहनों में सुख एवम चेहरे पर मुस्कुराहट (Smiling Faces) नहीं आ सकती । उसके लिए भारत की अवाम में भारतीयता आधारित एकता, भाई-चारा, आपसी सम्मान, आपसी सहयोग, आपसी सद्भाव, एख़लाक़-मोहब्बत, शांति स्थापित करना ही होगा, तभी, थोड़े कम विकास/समृद्धि में भी, अपने भारतीय भाई-बहनों में सुख एवम चेहरे पर मुस्कुराहट( Smiling Faces) लायी जा सकती हैयही महान कवि एवम प्रभु श्री राम जी के अनन्य भक्त श्री गोस्वामी तुलसी दास जी का अपने उपरोक्त चौपाई के माध्यम से निर्देश/आदेश है । श्री गोस्वामी तुलसी दास जी का उपरोक्त सन्देश पूरे देश एवम् सम्पूर्ण राजनैतिक विचारक मण्डल के बहुत काम की चीज़ है औए ख़ासकर हमारे माननीय एवम् परम आदरणीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी जी के लिए तो और भी ।
  4. The work/scheme of special importance, in the eyes of ‘BHAARAT AWAAM AAQAT DAL’ is that in our country BHAARAT, after inculcating/cultivating BHAARATEEYATAA AADHAARIT (Indian based) unity, fraternity, mutual respect, mutual co-operation, Eqhlaaq-Muhabbat (mutual love and reverence), peace (mutual or otherwise)—-each of these Indian based among our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN), enthusing/instilling its feeling/passion in them, it will be ensured to bring all these into their conduct/habit/samskaar. ‘BHAARATEEY AWAAM AAQAT DAL’ wants to bring smile on the faces of each and every BHAARATEEY BHAAI-BAHAN by bringing the atmosphere of the above described kind. ‘BHAARATEEY AWAAM AAQAT DAL’ has full conviction in the message of CHAUPAAEE (piece of poem) “JAHAAN SUMATI TANH SAMPATI NAANAA, JAHAAN KUMATI TANH BIPATI NIDHAANAA (where there is goodwill and respect, mutually or otherwise, there are numerous happiness AND where there is distrust (mutually or otherwise) and absence of mutual respect and confidence, there is treasure of miseries and woes) of Shree GOSWAAMEE TULASEE DAAS Jee, our GREAT POET and ANANYA BHAKT (undivided and undiminishing devotee) of PRABHU SHREE RAAM JEE, and the essence of message is that development/prosperity alone can’t fetch happiness and smiling faces among our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN). For that, BHAARATEEYATAA AADHAARIT (Indian based) unity, fraternity, mutual respect, mutual co-operation, Eqhlaaq-Muhabbat (mutual love and reverence), peace (mutual or otherwise)—-each of these Indian based among our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) will inevitably have to be established as a pre-requisite. Only then, even in less development/prosperity, happiness and smiling faces among our BHAARATEEY AWAAM (BHAARATEEY BHAAI-BAHAN) is possible to be brought. The above message of Shree GOSWAAMEE TULASEE DAAS Jee is of immense value for our Nation BHAARAT and pool of political think tanks and thinkers and, especially for our Hon’ble and most respected Prime Minister Shree Narendra Daamodar Daas Modee Jee.

राष्ट्रभक्त शिरोमणि नेता जी सुभाष चन्द्र बोस जिंदाबाद । शहीदे आज़म भगत सिंह जिंदाबाद । डा. बी. आर. अम्बेदकर जिंदाबाद । अमर शहीद चन्द्र शेखर आज़ाद, अशफ़ाक़ुल्लाह, खुदी राम बोस, सुब्रमण्यम भारती, रानी गैडेल्यू आदि जिंदाबाद ।

 

जय हिन्द                                                                             जय भारत

भारतीय एकता अमर रहे            राष्ट्रभक्ति अमर रहे                        भारतीय गणतन्त्र अमर रहे

MAY LIVE LONG RAASHTRABHAKT SHIROMANI (Torch Bearer Legend of Patriots) NETAA JEE SUBHAASH CHANDRA BOSE and SHAHEEDE AAZAM (Chief of Patriots) BHAGAT SINGH. MAY LIVE LONG Dr B.R. AMBEDKAR.  MAY LIVE LONG IMMORTAL MARTYERS LIKE CHANDRA SHEKHAR AAZAAD, ASHAFAAQ-UL-LAAH, KHUDEERAAM BOSE, SUBRAMANYAM BHAARATEE, RAANEE GAIDELIEU.

JAI HIND                                                                                                                                     JAI BHAARAT

                                                              MAY LIVE LONG BHAARATEEY EKATAA (Indian Unity)

                                                              MAY LIVE LONG RAASHTRABHAKTI (Allegiance to the nation)

                                                              MAY LIVE LONG   BHAARATEEY GANATANTRA (Indian Republic)

राष्ट्रभक्त शिरोमणि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जिंदाबाद । शहीदे आज़म भगत  सिंह जिंदाबाद ।  डा. बी. आर.  अम्बेदकर  जिंदाबाद ।  अमर शहीद चन्द्र शेखर आज़ाद,  अशफ़ाक़ुल्लाह,  खुदीराम बोस,  सुब्रमण्यम भारती, रानी गैडेल्यू आदि जिन्दाबाद ।

                       जय हिन्द                                                                                                       जय भारत

                        भारतीय एकता अमर रहे                     राष्ट्रभक्ति अमर रहे                   भारतीय गणतन्त्र अमर रहे

 

MAY LIVE LONG RAASHTRABHAKT SHIROMANI (Torch Bearer Legend of Patriots) NETAA JEE SUBHAASH CHANDRA BOSE and SHAHEEDE AAZAM (Chief of Patriots) BHAGAT SINGH. MAY LIVE LONG Dr B.R. AMBEDKAR. MAY LIVE LONG IMMORTAL MARTYERS LIKE CHANDRA SHEKHAR AAZAAD, ASHAFAAQ-UL-LAAH, KHUDEERAAM BOSE, SUBRAMANYAM BHAARATEE, RAANEE GAIDELIEU.

JAIHIND                                                                                                                             JAI BHAARAT

                               MAY LIVE LONG BHAARATEEY EKATAA (Indian Unity)

                              MAY LIVE LONG RAASHTRABHAKTI (Allegiance to the nation)

                              MAY LIVE LONG   BHAARATEEY GANATANTRA (Indian Republic)